सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
सोनीपत जिले के थाना राई क्षेत्र में एक सब्जी विक्रेता के साथ QR कोड साउंड बॉक्स ठीक करने के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी बाइक सवार दो युवकों ने फोन पे डिवाइस लेकर 4 अक्टूबर की शाम को 2.23 लाख रुपये खाते से निकाल लिए। पीड़ित नन्दलाल पुत्र सोनपाल (रामबाग, अलीगढ़ निवासी, हाल बड़मलिक) ने थाना राई में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद दो आरोपियों योगेन्द्र पुत्र रामभजन और हरेन्द्र पुत्र रामभजन (दोनों निवासी गांव कानौदा, जिला झज्जर) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय के आदेश पर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
धोखाधड़ी का पूरा मामला
पीड़ित नन्दलाल ने बताया कि उनकी सब्जी की रेहड़ी पर लगा स्कैनर (साउंड बॉक्स) खराब हो गया था, जिससे आवाज नहीं आ रही थी। 4 अक्टूबर की शाम दो बाइक सवार युवक आए और बोले कि वे स्कैनर ठीक करेंगे तथा नया डिवाइस लगाएंगे। उन्होंने फोन पे का डिब्बा ले लिया और कहा कि आपके फोन से कम्पनी में मैसेज भेजना है। पीड़ित ने अपना फोन दे दिया।
आरोपियों ने पीड़ित से कहा कि स्कैनर डिब्बे को दुकान से चार्ज करके लाओ। पीड़ित चार्ज कराने गए। लौटने पर आरोपियों ने फोन में एक इंग्लिश मैसेज दिखाया, जो अनपढ़ होने के कारण पीड़ित नहीं पढ़ पाए। 15-20 मिनट बाद फोन वापस किया और बोला कि नया डिब्बा सोमवार तक भेजेंगे। दोनों युवक स्कूटी से चले गए। पीड़ित ने एक युवक का मोबाइल नंबर नोट किया था।
काफी देर तक कोई फोन न आने पर पीड़ित ने मोबाइल शॉप पर फोन दिखाया तो पता चला कि सिम में दिक्कत है। अगले दिन नया सिम लिया तो खाते से 2.38 लाख रुपये निकल चुके थे। बैंक स्टेटमेंट से पता चला कि कुल 2.23 लाख 220 रुपये गायब हैं।
पुलिस ने कैसे पकड़े आरोपी?
थाना राई की अनुसंधान टीम ने उप निरीक्षक सतीश के नेतृत्व में जांच शुरू की। पीड़ित द्वारा दिए गए बाइक नंबर और मोबाइल नंबर के आधार पर खोजबीन की गई। गहन जांच के बाद दोनों आरोपियों योगेन्द्र और हरेन्द्र को गिरफ्तार किया गया। दोनों भाई हैं और गांव कानौदा (झज्जर) के निवासी हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
एएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी कितने और लोगों के साथ ऐसी धोखाधड़ी कर चुके हैं। मोबाइल नंबर, बाइक और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच से पूरा नेटवर्क उजागर करने का प्रयास जारी है।
पीड़ित की स्थिति
नन्दलाल एक गरीब सब्जी विक्रेता हैं। उनके खाते से निकले 2.23 लाख रुपये उनकी पूरी कमाई और परिवार के भविष्य का सहारा थे। इस घटना से उनका परिवार संकट में पड़ गया है।
प्रमुख तथ्य एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पीड़ित | नन्दलाल पुत्र सोनपाल (सब्जी विक्रेता) |
| घटना तिथि | 4 अक्टूबर 2025 (शाम) |
| तरीका | QR कोड साउंड बॉक्स ठीक करने के नाम पर फोन ले लिया |
| निकासी राशि | 2.23 लाख 220 रुपये |
| आरोपी | योगेन्द्र और हरेन्द्र (दोनों भाई, गांव कानौदा, झज्जर) |
| गिरफ्तारी | थाना राई पुलिस द्वारा |
| रिमांड | 5 दिन का पुलिस रिमांड |
यह घटना एक बार फिर डिजिटल लेन-देन में सतर्कता की जरूरत को दर्शाती है। गरीब और अनपढ़ लोग सबसे ज्यादा शिकार होते हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन ऐसे मामलों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान और सख्त कानून की जरूरत है। पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय और राहत मिलनी चाहिए।




