सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
Sonipat Online Job Scam: हरियाणा के सोनीपत जिले में घर बैठे काम कर पैसे कमाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। थाना मोहाना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनीत कुमार पुत्र राजकुमार और गौरव पुत्र पवन निवासी वार्ड नंबर 2, ऐलनाबाद जिला सिरसा के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि ठगी के इस पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस के अनुसार यह मामला ऑनलाइन जॉब और वर्क फ्रॉम होम के नाम पर लोगों को ठगने वाले साइबर अपराध से जुड़ा है। आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को घर बैठे काम करने और मोटी कमाई का लालच देते थे और बाद में अलग-अलग बहानों से उनसे पैसे वसूल लेते थे।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)
- सोनीपत में वर्क फ्रॉम होम के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
- आरोपियों ने महिला से करीब 2.85 लाख रुपये ठगे
- टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से दिया गया था काम का झांसा
- दोनों आरोपियों को पुलिस ने सात दिन के रिमांड पर लिया
घर बैठे काम करने का दिया गया लालच
पीड़ित महिला ने थाना मोहाना में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि 28 जून 2025 को उसके मोबाइल पर नेहा पांडेय नाम की एक लड़की का मैसेज आया। इसके बाद 8099081627 नंबर से फोन कर उसे घर बैठे काम करने और पैसे कमाने का प्रस्ताव दिया गया। आरोपी ने बताया कि उसे कुछ ऑनलाइन टास्क दिए जाएंगे, जिन्हें पूरा करने पर उसे अच्छी कमाई होगी।
महिला को विश्वास में लेने के लिए उसे टेलीग्राम पर SUPER GROUP (9986) नामक ग्रुप से जुड़ने को कहा गया। शुरुआत में महिला को कुछ छोटे काम दिए गए, जिन्हें पूरा करने पर उसे कुछ पैसे भी मिले। इससे उसे लगा कि यह काम वास्तविक है और वह लगातार उन लोगों के संपर्क में बनी रही।
📌 क्या है पूरा मामला?
- महिला को घर बैठे काम करने और पैसे कमाने का झांसा दिया गया
- टेलीग्राम ग्रुप के जरिए ऑनलाइन टास्क दिए गए
- बाद में अकाउंट फ्रीज होने का बहाना बनाकर पैसे मांगे गए
- पीड़िता से कुल 2,85,000 रुपये ठग लिए गए
अकाउंट फ्रीज होने का बहाना बनाकर वसूले पैसे
पीड़ित महिला के अनुसार अगले दिन 29 जून 2025 को आरोपियों ने फिर से फोन किया और बताया कि उसके द्वारा किए गए काम में गलती हो गई है, जिसके कारण उसका अकाउंट फ्रीज हो गया है। आरोपियों ने कहा कि यदि वह अपना अकाउंट दोबारा चालू कराना चाहती है तो उसे दिए गए यूपीआई खातों में पैसे जमा कराने होंगे।
महिला आरोपियों की बातों में आ गई और अलग-अलग किश्तों में पैसे ट्रांसफर करती रही। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार महिला ने आरोपियों के खातों में 30,000 रुपये, 35,000 रुपये, 15,000 रुपये, 5,000 रुपये और 20,000 रुपये समेत कुल मिलाकर करीब 2,85,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने उससे संपर्क करना बंद कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आए आरोपी
महिला की शिकायत के आधार पर थाना मोहाना में साइबर ठगी का मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजैक्शन के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
थाना मोहाना की अनुसंधान टीम में नियुक्त सहायक उप निरीक्षक राजकिशन ने अपनी टीम के साथ कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस पूरे साइबर ठगी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
🔎 अब आगे क्या होगा?
- गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ होगी
- साइबर ठगी में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जाएगी
- पीड़ितों की संख्या और ठगी की कुल रकम का पता लगाया जाएगा
- डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों की भी जांच की जाएगी
साइबर ठगी के मामलों से सावधान रहने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे इंटरनेट या सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाले ऐसे प्रस्तावों से सतर्क रहें। घर बैठे काम करने और कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लालच में अक्सर लोग साइबर अपराधियों के जाल में फंस जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था को ऑनलाइन भुगतान करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच जरूर करनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को इस प्रकार की ठगी का संदेह हो तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।







