सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
ज्ञान गंगा ग्लोबल स्कूल, सोनीपत में सीबीएसई के सौजन्य से ‘साइबर सेफ्टी एंड सिक्योरिटी’ विषय पर क्षमता निर्माण वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के 53 शिक्षकों ने भाग लेकर डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव और विद्यार्थियों के सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार पर गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया।
दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर स्कूल के चेयरमैन सुधीर जैन, सीईओ संजय जैन, डायरेक्टर ध्रुव जैन, प्राचार्या गीता चोपड़ा तथा उप प्राचार्या रूना दास उपस्थित रहे। सीबीएसई के रिसोर्स पर्सन डॉ. संजय त्यागी एवं कोमल बत्रा ने कार्यशाला का संचालन किया।
कार्यशाला से जुड़े मुख्य तथ्य
| आयोजन स्थल | विषय | प्रतिभागी शिक्षक | आयोजक संस्था |
|---|---|---|---|
| ज्ञान गंगा ग्लोबल स्कूल, सोनीपत | साइबर सेफ्टी एंड सिक्योरिटी | 53 | सीबीएसई |
डिजिटल युग में जागरूकता आवश्यक
चेयरमैन सुधीर जैन ने कहा कि आज डिजिटल प्लेटफॉर्म के तेजी से विस्तार और बढ़ते साइबर क्राइम के मद्देनज़र विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों को प्रशिक्षित करती हैं, जिससे वे बच्चों का सही मार्गदर्शन कर सकें।
प्राचार्या गीता चोपड़ा ने कहा कि बच्चों को इंटरनेट और सोशल मीडिया से पूर्णतः दूर रखना संभव नहीं है, इसलिए शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी साइबर सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
रिसोर्स पर्सन ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
डॉ. संजय त्यागी ने कहा कि सीबीएसई विद्यालयों में साइबर सुरक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध भी बढ़े हैं।
- अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें
- पब्लिक वाई-फाई का सावधानी से उपयोग करें
- सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करें
- ऑनलाइन फ्रॉड कॉल और संदेशों से सतर्क रहें
- संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें
रिसोर्स पर्सन कोमल बत्रा ने शिक्षकों को बताया कि साइबर हमलों से बचाव के लिए डिजिटल साक्षरता और जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।
उपस्थित गणमान्य एवं स्टाफ सदस्य
कार्यक्रम में कोऑर्डिनेटर नीरजा, महक, गीता राणा, निशा, रितु सिंह, श्वेता, नमिता, मधु, ज्योति, मीनू, अर्चना, सुषमा, आहुति, स्वाति, सोनिया मदान, सीमा रानी, रेखा, पारुल, कावेरी, सरिता, योगिंद्र कुमार, मनीष, खेल इंचार्ज संजित, पीटीआई राखी सहित समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि सामाजिक आवश्यकता बन चुकी है। इस प्रकार की क्षमता निर्माण कार्यशालाएं न केवल शिक्षकों को सशक्त बनाती हैं, बल्कि विद्यार्थियों के सुरक्षित डिजिटल भविष्य की नींव भी मजबूत करती हैं।
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