सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
सोनीपत जिले की साइबर पुलिस ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर 9 लाख 20 हजार रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। ठगी गई राशि में से 2 लाख 90 हजार रुपये बैंक में फ्रीज करवाए गए हैं। घटना में प्रयोग किए गए 5 मोबाइल फोन, 10 डेबिट कार्ड और अन्य सबूत बरामद किए गए हैं। आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है।
ठगी का पूरा मामला
सुरेश पुत्र दीवान निवासी गोहाना ने थाना साइबर सोनीपत में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके व्हाट्सएप पर उनके भांजे नवजोत (जो 7-8 साल से ऑस्ट्रेलिया में रहता है) का कॉल आया। आवाज जानी-पहचानी लगी। नवजोत ने कहा कि उसके दोस्त की माँ बीमार है जो गंगाराम हॉस्पिटल में भर्ती है और उन्हें पैसों की जरूरत है। थोड़ी देर बाद एक और नंबर से कॉल आया और नवजोत ने बैंक स्लिप भेजी जिसमें 8.50 लाख रुपये जमा करवाने का दावा किया। सुरेश ने कुल 9.20 लाख रुपये अलग-अलग चेक और ट्रांसफर से भेज दिए। बाद में नवजोत के परिवार से संपर्क करने पर पता चला कि यह पूरी तरह फर्जी था और नवजोत ने कोई बात नहीं की थी।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने निम्नलिखित चार अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है:
- अमित पुत्र रामबिलास – बाराबंकी, उत्तर प्रदेश
- रविन्द्र पुत्र मुन्ना लाल – सीतापुर, उत्तर प्रदेश
- मोहम्मद अर्श पुत्र मोहम्मद आसिफ – बाराबंकी, उत्तर प्रदेश
- चौथा आरोपी (नाम प्रेस विज्ञप्ति में अधूरा) – महाराष्ट्र से गिरफ्तार
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस आयुक्त सोनीपत ममता सिंह के नेतृत्व तथा पुलिस उपायुक्त पश्चिम एवं साइबर सोनीपत कुशल पाल सिंह के मार्गदर्शन में ठगी की गई राशि में से 2,90,000 रुपये फ्रीज करवाए गए। घटना में प्रयोग किए गए 5 मोबाइल फोन, 10 डेबिट कार्ड और बैंक खातों से अब तक 80 हजार रुपये की रिकवरी की गई है।
कार्रवाई में थाना साइबर सोनीपत के प्रबंधक निरीक्षक बसंत कुमार ने अपनी टीम (PSI कृष्ण, ASI जोगेन्द्र, ASI नरेन्द्र, HC चाँद, EHC प्रदीप एवं सिपाही विकास) के साथ महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश में छापेमारी की।
पुलिस उपायुक्त की अपील
पुलिस उपायुक्त साइबर सोनीपत ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अंजान लिंक/संदेश/कॉल पर विश्वास न करें। निवेश व शेयर मार्केट से जुड़े प्रस्तावों की स्वयं सत्यता जांचें, केवल विश्वसनीय व आधिकारिक वेबसाइट/एप्स का उपयोग करें और लालच एवं उच्च मुनाफे के झांसे में न आएं। यदि आप साइबर फ्रॉड के शिकार हो जाएं तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल cybercrime.gov.in पर ईमेल करें।
प्रमुख तथ्य एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| ठगी की राशि | 9 लाख 20 हजार रुपये |
| फ्रीज राशि | 2 लाख 90 हजार रुपये |
| रिकवरी राशि | 80 हजार रुपये (अब तक) |
| बरामदगी | 5 मोबाइल फोन, 10 डेबिट कार्ड |
| गिरफ्तार आरोपी | 4 (उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से) |
| जांच टीम | थाना साइबर सोनीपत (बसंत कुमार सहित) |
| मुख्य तरीका | फर्जी व्हाट्सएप कॉल, नवजोत के नाम से ठगी |
सोनीपत साइबर पुलिस की यह कार्रवाई अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोहों पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सतर्क रहें और किसी भी तरह के फर्जी कॉल या मैसेज पर पैसे न ट्रांसफर करें।




