सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
सोनीपत जिले में चाइनीज मांझे से होने वाले हादसों और जनहानि को रोकने के उद्देश्य से जिलाधीश सुशील सारवान ने इसके भंडारण, बिक्री, खरीद और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है।
किन वस्तुओं पर लगाया गया प्रतिबंध
जिलाधीश के आदेश के अनुसार नायलॉन, प्लास्टिक या अन्य कृत्रिम रूप से बनाए गए मांझे, जिन्हें आमतौर पर चाइना डोर कहा जाता है, के साथ-साथ कांच, धातु या किसी नुकीली सामग्री से युक्त धागों पर भी सख्त पाबंदी रहेगी। इनका उत्पादन, भंडारण, बिक्री, खरीद और उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
पक्षियों और इंसानों की सुरक्षा पर विशेष जोर
| समय अवधि | पक्षियों की गतिविधि | जोखिम स्तर |
|---|---|---|
| सुबह 6 बजे से 8 बजे तक | अधिक | उच्च |
| शाम 5 बजे से 7 बजे तक | अधिक | उच्च |
प्रशासन के अनुसार इन समय अवधियों में पक्षियों की गतिविधि अधिक रहती है। ऐसे में चाइनीज मांझे का उपयोग दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसके अलावा राहगीरों और वाहन चालकों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
क्यों लिया गया सख्त निर्णय
जिलाधीश ने बताया कि विभिन्न अवसरों पर पतंगबाजी के दौरान चाइनीज मांझे के प्रयोग से कई गंभीर हादसे हुए हैं। यह मांझा न केवल पतंग काटता है, बल्कि पक्षियों और इंसानों को गंभीर रूप से घायल भी कर सकता है। जनसुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
- चाइनीज मांझे से पक्षियों और इंसानों को गंभीर चोट का खतरा
- यातायात दुर्घटनाओं की संभावना
- पर्यावरण को होने वाला नुकसान
- लुप्तप्राय प्रजातियों पर प्रतिकूल प्रभाव
- सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना मुख्य उद्देश्य
उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों, दुकानदारों और पतंग विक्रेताओं से नियमों का पालन करने की अपील की है।
निष्कर्ष
सोनीपत जिले में चाइनीज मांझे पर लगाया गया यह प्रतिबंध जनसुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और पक्षियों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नियमों का पालन कर ही हादसों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
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