खरखौदा, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र में सामने आए रिश्वत कांड में नया खुलासा हुआ है। रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ी गई महिला पटवारी सुदेश के साथ अब मामले में चाय वाले कैंटीन संचालक कृष्ण चंद को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, रिश्वत की राशि सीधे लेने के बजाय पटवारी ने कैंटीन संचालक को माध्यम बनाया हुआ था।
कैंटीन संचालक को बनाया गया था माध्यम
रोहतक एसीबी की जांच में सामने आया है कि महिला पटवारी सुदेश ने जानबूझकर सीधे पैसे न लेकर कैंटीन संचालक कृष्ण चंद को रिश्वत लेने का जिम्मा सौंपा था। पटवारी ने उसे यह कहकर तैयार किया था कि वह उम्रदराज है, इसलिए उस पर किसी को शक नहीं होगा।
दोनों के बीच यह भी तय हुआ था कि हर रिश्वत की राशि में से 10 प्रतिशत कमीशन कैंटीन संचालक को मिलेगा। इसी लालच में कृष्ण चंद इस अवैध सौदे में शामिल हो गया।
रिश्वत सौदे का पूरा मामला
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मांगी गई रिश्वत | ₹20,000 |
| कमीशन राशि | ₹2,000 (10%) |
| शिकायतकर्ता | अनिल (गांव सिसाना) |
| कार्रवाई एजेंसी | एसवी एंड एसीबी, रोहतक |
| स्थान | बीडीपीओ कार्यालय परिसर |
- कैंटीन संचालक को रिश्वत लेने का जिम्मा सौंपा गया था
- हर सौदे में 10 प्रतिशत कमीशन तय
- एसीबी ने शिकायत के बाद जाल बिछाया
एसीबी के जाल में ऐसे फंसे आरोपी
सिसाना गांव निवासी अनिल की शिकायत पर एसीबी ने योजना बनाकर कार्रवाई की। तय रणनीति के अनुसार, रिश्वत की रकम पहले कैंटीन संचालक को दी गई, जहां से आगे पटवारी तक पहुंचनी थी।
₹20 हजार की रकम में ₹2 हजार कमीशन मिलने की खुशी में कृष्ण चंद अनिल को लेकर महिला पटवारी तक पहुंच गया। जैसे ही पटवारी ने पैसे पकड़े, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
पंचायती जमीन से जुड़ा था मामला
जांच में सामने आया है कि महिला पटवारी सुदेश ने पंचायती जमीन का मालिकाना हक दिलवाने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बिना पैसे दिए काम करने से साफ इनकार कर दिया गया था।
इस पूरी कार्रवाई को एसवी एंड एसीबी रोहतक की टीम ने अंजाम दिया, जिसमें साक्ष्यों और तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपियों को पकड़ा गया।
निष्कर्ष
सोनीपत रिश्वत कांड में हुआ यह खुलासा दर्शाता है कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार अब नए-नए तरीकों से किया जा रहा है। एसीबी की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि रिश्वतखोरी और दलाली किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संलिप्त लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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