सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
सोनीपत नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) ने जोरदार विरोध दर्ज कराया है। पार्टी ने नगर निगम कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना आयोजित किया, जिसमें कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रणवीर छिक्कारा और विमल किशोर ने की, जबकि नेतृत्व राजेश सरोहा एडवोकेट और विकास दहिया (जिला सचिव) ने किया। प्रदर्शनकारियों ने विकास कार्यों में घोटाले, जनता के काम लटकाने और रिश्वतखोरी के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी ने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यह धरना जनता की आवाज को बुलंद करने का प्रयास है, जो नगर निगम में पारदर्शिता की कमी पर सवाल खड़े करता है।
धरने की मुख्य मांगें: भ्रष्टाचार की जांच
धरने में पार्टी नेताओं ने नगर निगम को भ्रष्टाचार का अड्डा बताया। जिलाध्यक्ष रणवीर छिक्कारा ने कहा कि छोटे-छोटे काम बिना रिश्वत के नहीं होते। अधिकारी और सत्ताधारी मिलकर जनता को लूट रहे हैं। AAP सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
प्रत्याशी चयन कमेटी चेयरमैन विमल किशोर ने कहा कि नगर निगम में पारदर्शिता खत्म हो चुकी है। विकास कार्यों में भारी घोटाले हो रहे हैं, लेकिन जांच नहीं होती। पार्टी दोषियों को सजा दिलाने तक पीछे नहीं हटेगी।
राजेश सरोहा एडवोकेट ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा। विकास दहिया ने कहा कि AAP जनता के हक की लड़ाई लड़ रही है और अधिकार दिलाकर रहेगी।
प्रमुख मांगें एक नजर में
| मांग | विवरण |
|---|---|
| उच्च स्तरीय जांच | सभी भ्रष्टाचार मामलों की |
| कार्रवाई | दोषी अधिकारियों-नेताओं पर कड़ी सजा |
| पारदर्शिता | विकास कार्यों में शुचिता सुनिश्चित |
| जनता के काम | रिश्वत के बिना त्वरित निस्तारण |
यह तालिका धरने की मुख्य मांगों को स्पष्ट करती है।
उपस्थित नेता और कार्यकर्ता
धरने में नरेश कौशिक (जिला उपाध्यक्ष), योगेशपाल (हलका अध्यक्ष सोनीपत), वंश आर्य, अमरदत्त भारद्वाज, शेर मोहम्मद, शक्ति सिंह, अंकुश त्यागी (जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा), कर्मवीर थाना (जिलाध्यक्ष एससी मोर्चा), मोहित भारद्वाज, दीपक चुग, राहुल शर्मा, विजेंद्र सिंह, नरिंदर बाबा कालोनी, राजेंद्र सिंह, जसबीर बेनीवाल, हवा सिंह, राजेश, अजय टोक राई, सिद्धार्थ रोहिल्ला (ओबीसी जिलाध्यक्ष), सतवीर सिंह सती, राजकुमार, ललित कुमार आदि उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: जनता की आवाज बुलंद
AAP का यह धरना नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की नाराजगी को दर्शाता है। पार्टी ने जांच और कार्रवाई की मांग कर सत्ता पक्ष पर दबाव बनाया है। यदि आरोप साबित हुए, तो दोषियों पर कार्रवाई जरूरी है। जनता को पारदर्शी प्रशासन का हक है। उम्मीद है प्रशासन जांच कर जनता को राहत देगा।




