सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार को गांव लड़सौली में बड़ी कार्रवाई की। उपायुक्त सुशील सारवान के निर्देशों के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत नियंत्रित क्षेत्र में किए जा रहे अवैध निर्माण पर पीला पंजा चलाया गया और निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।
नियंत्रित क्षेत्र में अवैध निर्माण पर कार्रवाई
जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) नीलम शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई गांव लड़सौली की राजस्व संपदा के नियंत्रित क्षेत्र 1-बी गन्नौर में की गई। यहां करीब 300 वर्ग मीटर क्षेत्र में अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा था। एसएमडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन ढांचे को तोड़फोड़ कर ध्वस्त किया।
इन अवैध ढांचों को किया गया ध्वस्त
कार्रवाई के दौरान एक व्यवसायिक दुकान, एक रिहायशी कमरा तथा बाउंडरी वॉल को पूरी तरह से गिरा दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह निर्माण बिना किसी वैधानिक अनुमति के किया जा रहा था, जो नियंत्रित क्षेत्र अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है।
- करीब 300 वर्ग मीटर क्षेत्र में अवैध निर्माण
- 1 व्यवसायिक दुकान और 1 रिहायशी कमरा ध्वस्त
- बिना अनुमति बनाई गई बाउंडरी वॉल गिराई गई
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदने की अपील
डीटीपी नीलम शर्मा ने आमजन से अपील की कि वे अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कॉलोनियों में सरकार की ओर से सड़क, पानी, सीवरेज और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, जिससे लोगों की मेहनत की कमाई जोखिम में पड़ सकती है।
निर्माण से पहले अनुमति अनिवार्य
उन्होंने बताया कि नियंत्रित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण करने से पहले एसएमडीए के सीईओ से अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति किए गए किसी भी निर्माण को एसएमडीए द्वारा नियंत्रित क्षेत्र अधिनियम के तहत किसी भी समय ध्वस्त किया जा सकता है।
निष्कर्ष: सख्ती से रोके जाएंगे अवैध निर्माण
प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि जिले में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रारंभिक चरण में ही कार्रवाई कर अवैध कॉलोनियों और निर्माणों पर रोक लगाई जाएगी, ताकि नियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके।




