प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर और स्वदेशी भारत के मंत्र को अपनाएं : स्वामी रामदेव

हरिद्वार, (वेब वार्ता)। पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार में श्रावणी उपाकर्म और रक्षाबंधन पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के सानिध्य में पतंजलि गुरुकुलम् और आचार्यकुलम् के छात्र-छात्राओं का उपनयन संस्कार संपन्न हुआ। बहन रेनू श्रीवास्तव, साध्वी देवप्रिया, डॉ. ऋतम्भरा शास्त्री, बहन अंशुल, बहन पारूल सहित पतंजलि गुरुकुलम् और आचार्यकुलम् की छात्राओं व संन्यासिनी बहनों ने स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को राखी बांधकर रक्षा का आशीर्वाद लिया।


अमेरिका की आर्थिक दादागीरी के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान

स्वामी रामदेव ने रक्षाबंधन के अवसर पर कहा कि दुनिया में नया न्यू वर्ल्ड ऑर्डर बन रहा है, जिसमें ब्रिक्स देश—भारत, रूस, चीन, मिडिल ईस्ट, यूरोप और जी-7 के कुछ देश—अमेरिका की आर्थिक दादागीरी का मुकाबला करने के लिए एकजुट हो रहे हैं।
उन्होंने कहा—

“ढाई सौ साल पहले एक विदेशी ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत को गुलाम बनाया और लगभग 100 ट्रिलियन डॉलर की आर्थिक लूट की। आज राजनीतिक आजादी के बावजूद हम आर्थिक, शिक्षा-चिकित्सा, वैचारिक और सांस्कृतिक गुलामी में जकड़े हुए हैं।”


स्वदेशी से स्वावलंबन की राह

योग गुरु ने कहा कि भारत की करेंसी, जीडीपी और इकोनॉमी तभी मजबूत होगी जब देशवासी प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी भारत के मंत्र को अपनाएंगे। उन्होंने जनता से स्वदेशी उत्पाद अपनाने और विदेशी निर्भरता घटाने का आग्रह किया।


पतंजलि में उपनयन संस्कार

रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में यज्ञ और उपनयन संस्कार भी हुए। छात्र-छात्राओं को वैदिक परंपरा के अनुसार शिक्षा प्रारंभ करने का संस्कार दिया गया।

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