खरखोदा, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
Kharkhoda Sarvkhap Mahila Mahapanchayat: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हरियाणा के खरखोदा में सर्वखाप महिला महापंचायत द्वारा एक विशेष महिला संगोष्ठी का आयोजन किया गया। रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष दहिया ने की। संगोष्ठी में महिलाओं के अधिकार, सामाजिक स्थिति, बदलते सामाजिक परिवेश और परिवार व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)
- खरखोदा में सर्वखाप महिला महापंचायत द्वारा महिला संगोष्ठी आयोजित
- राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष दहिया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की
- महिलाओं के अधिकार और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा
- परिवार व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर
Kharkhoda Sarvkhap Mahila Mahapanchayat में महिला अधिकारों पर चर्चा
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष दहिया ने कहा कि समाज में बेटियों को केवल परंपराओं की सीमाओं में बांधने के बजाय उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियों को पायल नहीं बल्कि जूते पहनाने की सोच विकसित करनी होगी, ताकि वे जीवन के हर रास्ते पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि महिला और पुरुष समाज के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। परिवार और समाज की मजबूती तभी संभव है जब महिला और पुरुष साथ मिलकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करें और एक-दूसरे के सम्मान को समझें।
📌 क्या है पूरा मामला?
- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर खरखोदा में महिला संगोष्ठी आयोजित
- सर्वखाप महिला महापंचायत के नेतृत्व में कार्यक्रम संपन्न
- महिलाओं के अधिकार और सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श
- समाज में महिलाओं की सशक्त भूमिका पर दिया गया जोर
बदलते सामाजिक परिवेश और युवाओं की चुनौतियों पर चर्चा
संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने बदलते सामाजिक परिवेश और युवाओं के सामने आ रही चुनौतियों पर भी गंभीर चर्चा की। विशेष रूप से लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों पर सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण रखते हुए परिवार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
इसके अलावा समाज में बढ़ती अश्लीलता और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले डबल मीनिंग गीतों पर भी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक और सम्मानजनक वातावरण बनाए रखना बेहद जरूरी है।
🔎 अब आगे क्या होगा?
- महिला जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे
- समाज में महिलाओं के अधिकारों को लेकर अभियान चलाया जाएगा
- युवाओं को सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूक किया जाएगा
- महिलाओं की गरिमा से जुड़े मुद्दों पर सामाजिक संवाद बढ़ाया जाएगा
संगोष्ठी में कई वक्ताओं ने रखे विचार
कार्यक्रम में डॉ. ममता चौधरी (दिल्ली), डॉ. निर्मल चौधरी, डॉ. सनी लता, डॉ. सीमा, पपपल संगवान, राजेश हुड्डा, कश्मीरी, बिमला, रुबी हुड्डा, कृष्णा चौधरी (ऑस्ट्रेलिया), मंजू पहल, रेनू खैरपुर, सरिता (राजस्थान), रीना, सुनीता मलिक, सरिता मलिक, सुदेश कंडेला, गीता डेरोलिया, ज्योति दहिया, सुदेश शर्मा, एडवोकेट निशा, पूनम दहिया, सीमा खासा, ऋतु शर्मा, चेतना अरोड़ा, निर्मला जुलाना सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने अपने विचार साझा किए।







