Thursday, January 15, 2026
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अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव 2026: आदि बद्री में 19 जनवरी को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे शुभारंभ, सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा प्रमाण सरस्वती नदी—धूमन सिंह किरमच

यमुनानगर, संजीव ओबेरॉय | वेब वार्ता 

हरियाणा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठने जा रहा है। यमुनानगर जिले के आदि बद्री में 19 जनवरी 2026 को अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का भव्य आयोजन होगा। इस महोत्सव का शुभारंभ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन भी मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से शुरू होगा।

सरस्वती हैरिटेज बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमच ने जानकारी देते हुए बताया कि यह महोत्सव सरस्वती नदी के महत्व को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर करेगा। उन्होंने कहा, “सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा प्रमाण सरस्वती नदी ही है। पुरातात्विक प्रमाणों से स्पष्ट है कि सरस्वती नदी का उद्गम स्थल आदि बद्री में ही है। यह सभ्यता की जड़ है और आज के समय में भी इसका महत्व अत्यंत प्रासंगिक है।”

महोत्सव की प्रमुख विशेषताएं

अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में विभिन्न आयोजन होंगे, जो सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और शैक्षिक महत्व के होंगे। प्रमुख कार्यक्रम निम्न हैं:

  • सरस्वती सरोवर पर हवन यज्ञ: श्लोक उच्चारण और आरती के साथ पूजा-अर्चना।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: विभिन्न स्कूलों के बच्चों द्वारा सरस्वती पर आधारित नृत्य, गीत और नाटक प्रस्तुतियां।
  • पेंटिंग प्रतियोगिता: स्कूली विद्यार्थियों के लिए सरस्वती थीम पर पेंटिंग प्रतियोगिता।
  • स्वदेशी सरस मेला: स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगभग 20 स्टॉल। स्थानीय हस्तशिल्प, खाद्य और उत्पादों का प्रदर्शन।
  • भव्य पुरातत्व प्रदर्शनी: आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा सरस्वती नदी और सिंधु घाटी सभ्यता पर विशेष प्रदर्शनी।
  • श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं: माता मंत्रा देवी मंदिर और आदि बद्री मंदिर में भक्तों के लिए सुविधाएं।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रतिभागियों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।

सरस्वती नदी: सिंधु घाटी सभ्यता की जड़

धूमन सिंह किरमच ने बताया कि सरस्वती नदी सिंधु घाटी सभ्यता का आधार रही है। पुरातत्व प्रमाणों से यह स्पष्ट है कि सरस्वती नदी का उद्गम आदि बद्री में ही है। इस महोत्सव से नई पीढ़ी अपनी सभ्यता की जड़ों से जुड़ेगी और सरस्वती नदी के महत्व को समझेगी।

इस अवसर पर सरस्वती हैरिटेज बोर्ड के सदस्य लक्ष्य बिंद्रा, राजनी प्रकाश, ऋषि पाल, संदीप बालियान, अनिल गुप्ता लाडवा, भाजपा जिला यमुनानगर मीडिया प्रभारी कपिल मनीष गर्ग सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

महोत्सव का महत्व

यह महोत्सव हरियाणा सरकार की सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, पर्यटन विकास और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की नीतियों का बेहतरीन उदाहरण है। आदि बद्री में होने वाला यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व का है, बल्कि ऐतिहासिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरस्वती नदी के प्रति आस्था, सांस्कृतिक गौरव और पर्यटन को बढ़ावा देने का यह अनूठा मंच बनेगा।

हरियाणा सरकार और सरस्वती हैरिटेज बोर्ड की यह पहल सरस्वती नदी के प्राचीन महत्व को नए सिरे से स्थापित करने और आने वाली पीढ़ियों को अपनी सभ्यता की गौरवशाली विरासत से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी।

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