Haryana Sugarcane MSP: विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने गन्ने का MSP बिजाई से पहले घोषित करने की मांग उठाई

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यमुनानगर, संजीव ओबेरॉय | वेब वार्ता

Haryana Sugarcane MSP: हरियाणा विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र के दौरान यमुनानगर से विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने गन्ने की खेती से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत कहा कि प्रदेश में गन्ने की खेती की ओर किसानों का रुझान लगातार कम होता जा रहा है। इसके पीछे गन्ने की खेती का कम लाभकारी होना और उत्पादन में गिरावट प्रमुख कारण हैं। विधायक ने सरकार से मांग की कि गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) किसानों की बिजाई से पहले घोषित किया जाए, ताकि किसान समय रहते निर्णय लेकर अधिक से अधिक गन्ने की खेती कर सकें।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)

  • विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने विधानसभा में गन्ने की खेती का मुद्दा उठाया
  • गन्ने का MSP बिजाई से पहले घोषित करने की मांग
  • गन्ने की पैदावार में गिरावट और किसानों की घटती रुचि पर चिंता
  • कृषि मंत्री ने सरकार द्वारा योजनाओं के माध्यम से फसल को बढ़ावा देने की बात कही

गन्ने की खेती से कम हो रहा किसानों का रुझान

विधानसभा में अपनी बात रखते हुए विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि आज प्रदेश में गन्ने की खेती की ओर किसानों का ध्यान तेजी से कम हो रहा है। उन्होंने बताया कि गन्ने की खेती पहले की तुलना में किसानों के लिए कम लाभकारी होती जा रही है, जिसके कारण कई किसान अन्य फसलों की ओर रुख कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि गन्ने की पैदावार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। इसका सीधा असर प्रदेश की शुगर मिलों पर भी पड़ रहा है, क्योंकि कच्चे माल की कमी के कारण कई मिलों को संचालन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

📌 क्या है पूरा मामला?

  • हरियाणा विधानसभा में गन्ने की खेती से जुड़े मुद्दे पर चर्चा
  • किसानों का गन्ने की खेती से घटता रुझान
  • MSP को बिजाई से पहले घोषित करने का सुझाव
  • उत्पादन बढ़ाने के लिए बेहतर बीज विकसित करने की मांग

बेहतर बीज विकसित करने पर दिया जोर

विधायक अरोड़ा ने सुझाव दिया कि सरकार को गन्ने की ऐसी प्रजातियां विकसित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए जो रोगों और कीटों का सामना मजबूती से कर सकें। उन्होंने कहा कि अक्सर गन्ने की फसल में कीट और रोग लगने के कारण पैदावार में भारी कमी आ जाती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ऐसे उन्नत बीजों को बढ़ावा दिया जाए जो बीमारी और कीटों से सुरक्षित हों, ताकि किसानों की फसल सुरक्षित रहे और उत्पादन में वृद्धि हो सके।

🔎 अब आगे क्या होगा?

  • सरकार गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं ला सकती है
  • गन्ने के MSP पर समय से पहले निर्णय लिया जा सकता है
  • उन्नत बीज और तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने की पहल हो सकती है
  • शुगर मिलों और किसानों के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं

कृषि मंत्री ने दिया सरकार का पक्ष

इस मुद्दे पर जवाब देते हुए कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गन्ने की खेती को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर तकनीक और सुविधाएं उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और गन्ने की खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

महत्वपूर्ण: विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने सरकार से गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य बिजाई से पहले घोषित करने की मांग की ताकि किसान समय रहते अपनी फसल का निर्णय ले सकें।


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