सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
हरियाणा सरकार अब अपने नागरिकों को राज्य के बजट निर्माण की प्रक्रिया में सीधा भागीदार बना रही है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट के लिए जनता से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं, ताकि बजट जनता की वास्तविक आवश्यकताओं और विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सके। डीसी सुशील सारवान ने कहा कि यह पहल “जनभागीदारी पर आधारित पारदर्शी शासन” की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सुझाव देने के तीन आसान माध्यम
डीसी ने बताया कि नागरिकों के लिए सुझाव देने के लिए तीन माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि हर वर्ग का व्यक्ति अपनी राय साझा कर सके।
- 1. मिस्ड कॉल द्वारा: नागरिक 7303350030 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर 31 जनवरी तक अपने सुझाव दर्ज करा सकते हैं।
- 2. एआई-सहायक (AI Assistant): नागरिक thevoxai.in/haryanabudget लिंक पर जाकर चैट के माध्यम से अपने विचार साझा कर सकते हैं।
- 3. ऑनलाइन पोर्टल: विस्तृत सुझाव देने के लिए bamsharyana.nic.in/suggestion.aspx पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है।
इन माध्यमों के जरिए आम नागरिक न केवल अपनी राय दे सकते हैं, बल्कि अपने सुझावों को सरकार के नीति-निर्माण तक पहुंचाने का अवसर भी पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद ले रहे हैं हितधारकों से फीडबैक
डीसी सुशील सारवान ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं इस पहल का नेतृत्व कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में उद्योग, शिक्षा, व्यापार, कृषि, महिला उद्यमिता और अन्य क्षेत्रों के हितधारकों से संवाद कर सुझाव प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का विज़न है — “हरियाणा का बजट, हर नागरिक का योगदान।”
मुख्यमंत्री ने इस जनभागीदारी अभियान का शुभारंभ 6 जनवरी को गुरुग्राम विश्वविद्यालय से किया था। इसके बाद वे गुरुग्राम, फरीदाबाद और हिसार में संवाद कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं, जहां हजारों लोगों ने सीधे अपने विचार साझा किए।
एआई-आधारित हरियाणा बजट जनभागीदारी पोर्टल
हरियाणा सरकार ने हाल ही में एक AI-आधारित बजट जनभागीदारी पोर्टल लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म नागरिकों, विशेषज्ञों और हितधारकों को अपने सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचाने की सुविधा देता है। खास बात यह है कि यह पोर्टल हरियाणवी, हिंदी और अंग्रेज़ी तीनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे राज्य के हर वर्ग के लोग सहजता से भागीदारी कर सकें।
जनभागीदारी से बनेगा “समावेशी बजट”
डीसी ने कहा कि सरकार चाहती है कि हर नागरिक अपने सुझावों से राज्य की विकास दिशा तय करे। “बजट अब केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं का रोडमैप बन चुका है,” उन्होंने कहा। प्राप्त सभी सुझावों पर विभागीय स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उपयोगी सुझावों को आगामी बजट में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे सक्रिय रूप से भाग लेकर अपने विचार साझा करें, ताकि हरियाणा के विकास में उनकी आवाज़ भी शामिल हो सके।
यह पहल भारत में नीति निर्माण को “जन-से-जन तक” पहुंचाने की दिशा में एक अनूठा प्रयोग है, जहां टेक्नोलॉजी और लोकतंत्र का संगम दिखता है।
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