सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
ज्ञान गंगा ग्लोबल स्कूल राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 के अवसर पर विद्यार्थियों ने विज्ञान प्रश्नोत्तरी, मॉडल प्रदर्शनी और वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। 28 फरवरी को आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों की उपस्थिति में विज्ञान की उपलब्धियों और वैज्ञानिक सोच के महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन सुधीर जैन, डायरेक्टर ध्रुव जैन, प्राचार्या गीता चोपड़ा और उप-प्राचार्या रूना दास ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, नवाचार और तार्किक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया।
वैज्ञानिक सोच से ही होगा समाज का विकास
चेयरमैन सुधीर जैन ने अपने संबोधन में कहा कि वैज्ञानिक सोच ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के छात्र ही भविष्य के वैज्ञानिक, शोधकर्ता और नवोन्मेषी उद्यमी बनेंगे। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और उन्हें प्रयोगधर्मी बनने के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने प्रदर्शनी में लगाए गए मॉडलों का अवलोकन किया और छात्रों की रचनात्मकता व मेहनत की सराहना की। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में निरंतर अध्ययन और प्रयोग करते रहने का संदेश दिया।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का महत्व
डायरेक्टर ध्रुव जैन ने बताया कि National Science Day Celebration Sonipat हर वर्ष 28 फरवरी को महान भौतिक विज्ञानी सर सी.वी. रमन द्वारा ‘रमन प्रभाव’ की खोज के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस ऐतिहासिक खोज के लिए उन्हें वर्ष 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा कि विज्ञान दिवस का उद्देश्य आम जनता में विज्ञान के महत्व और उसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों के प्रति जागरूकता फैलाना है।
प्राचार्या गीता चोपड़ा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होते हैं और उनमें आत्मविश्वास, टीमवर्क तथा नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं।
विज्ञान प्रश्नोत्तरी में दिखी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा
कार्यक्रम के दौरान आयोजित विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और सामान्य विज्ञान से जुड़े प्रश्नों के सटीक उत्तर देकर अपनी बौद्धिक क्षमता का परिचय दिया। भाविका, अंशिका, समर, नैंसी, वेदिका, अयान, देवांश, प्रियांशी, हर्ष, अनाया, यशवी, अवनी, काव्या और यशिका सहित कई छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
आकर्षक मॉडल बने प्रदर्शनी का केंद्र
विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अनेक अभिनव मॉडल प्रस्तुत किए। चंद्रयान-3, मानव हृदय, पाचन तंत्र, किडनी और श्वसन तंत्र जैसे मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अतिरिक्त आरओ मशीन, सड़क रोलर, जेसीबी, हाइड्रोलिक लिफ्ट, आधुनिक शहर की संरचना और वर्षा जल संचयन जैसे प्रोजेक्ट भी प्रदर्शित किए गए।
| प्रदर्शित मॉडल | विषय |
|---|---|
| चंद्रयान-3 | अंतरिक्ष विज्ञान |
| मानव हृदय व पाचन तंत्र | जीव विज्ञान |
| हाइड्रोलिक लिफ्ट | भौतिक विज्ञान |
| वर्षा जल संचयन | पर्यावरण संरक्षण |
इन मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों ने विज्ञान के सिद्धांतों को सरल और व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया। इससे न केवल उनकी समझ स्पष्ट हुई बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी सीखने का अवसर मिला।
शिक्षकों और स्टाफ की भूमिका
कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीरजा, महक, गीता राणा, निधि, मोनिका, पारुल, ज्योति, रितु सिंह, श्वेता, नमिता, मीनू, अर्चना, सुषमा, आहुति, स्वाति, सोनिया मदान, निशा, सीमा रानी, खेल इंचार्ज संजीत और पीटीआई राखी सहित सभी स्टाफ सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक और नवाचार आधारित कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना और शोध की प्रवृत्ति निरंतर विकसित होती रहे।
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