सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
फिम्स अस्पताल, सोनीपत की आधुनिक मिनिमल इन्वेसिव सर्जरी तकनीक ने एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में अपनी उपयोगिता सिद्ध की है। दो निजी अस्पतालों से रेफर किए गए 38 वर्षीय युवक की जान फिम्स में एंडोवेस्कुलर कॉयल एम्बोलाइजेशन जैसी अत्याधुनिक विधि से सफलतापूर्वक बचाई गई। डॉक्टरों ने केवल सूई के छेद जितनी सर्जरी से शरीर के अंदर हो रही जानलेवा ब्लीडिंग को नियंत्रित कर मरीज को नया जीवन दिया।
सीढ़ियों से गिरने से बिगड़ी हालत
जानकारी के अनुसार जिले के एक युवक को सीढ़ियों से गिरने के कारण कमर और पेट में गंभीर चोटें आई थीं। इस हादसे में रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया और एक महत्वपूर्ण धमनी फट जाने से पेट के भीतर तेज ब्लीडिंग शुरू हो गई। लगातार खून बहने से मरीज का ब्लड प्रेशर और हीमोग्लोबिन तेजी से गिरने लगा और उसकी हालत नाजुक हो गई।
दो अस्पतालों से रेफर, फिम्स में मिली नई जिंदगी
युवक को पहले दो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे फिम्स अस्पताल रेफर किया गया। फिम्स पहुंचने पर मरीज का हीमोग्लोबिन सिर्फ 4 ग्राम रह गया था। चिकित्सकों ने तत्काल चार यूनिट ब्लड चढ़ाया, लेकिन बीपी बेहद कम होने के कारण मरीज मौत के बेहद करीब पहुंच चुका था।
एंडोवेस्कुलर तकनीक से रोकी गई ब्लीडिंग
| चिकित्सा प्रक्रिया | विवरण |
|---|---|
| सर्जरी तकनीक | एंडोवेस्कुलर कॉयल एम्बोलाइजेशन |
| प्रक्रिया का स्वरूप | बिना चीरा-टांका, मिनिमल इन्वेसिव |
| उपचार स्थान | डीएसए लैब, फिम्स अस्पताल |
| परिणाम | ब्लीडिंग वाली धमनी सफलतापूर्वक बंद |
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत डीएसए लैब में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने ब्लीडिंग प्वाइंट की पहचान की और एंडोवेस्कुलर कॉयल एम्बोलाइजेशन की उन्नत तकनीक से फटी हुई धमनी को बंद किया। इसके बाद मरीज की हालत तेजी से सुधरी और वह अगली सुबह तक सामान्य स्थिति में आ गया।
विशेषज्ञों की राय
इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. आशीष कौशिक ने बताया कि एंडोवेस्कुलर कॉयल एम्बोलाइजेशन एक अत्याधुनिक और सुरक्षित तकनीक है, जिससे बिना चीर-फाड़ और टांकों के शरीर के किसी भी हिस्से में हो रही जानलेवा ब्लीडिंग को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में समय पर विशेषज्ञ उपचार मिलना जीवन रक्षक सिद्ध होता है।
प्रबंधन का संदेश
फिम्स के चेयरमैन आर.पी. जैन ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि जनहित के उद्देश्य से वर्ष 2015 में स्थापित फिम्स अस्पताल की सेवाएं लेने में किसी प्रकार का संकोच न करें। वहीं प्रबंध निदेशक रजत जैन ने बताया कि मिनिमल इन्वेसिव सर्जरी, फुल टाइम किडनी रोग विभाग, प्लास्टिक सर्जरी और जीआई सर्जरी जैसी सुविधाएं सोनीपत में केवल फिम्स अस्पताल में उपलब्ध हैं, वह भी दिल्ली के मुकाबले किफायती दरों पर।
निष्कर्ष
फिम्स अस्पताल की यह सफलता आधुनिक चिकित्सा तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम का जीवंत उदाहरण है। समय पर उपचार और उन्नत सर्जरी पद्धति के चलते एक युवक की अनमोल जान बच सकी, जिससे क्षेत्र के लोगों का अस्पताल पर भरोसा और मजबूत हुआ है।
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