यमुनानगर, संजीव ओबेरॉय | वेब वार्ता
यमुनानगर में आयोजित व्यापारी प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के व्यापार व उद्योगों की मौजूदा चुनौतियों, बिजली दरों में वृद्धि और सरकारी नीतियों के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष एवं हरियाणा कान्फैड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने की। बजरंग गर्ग का उद्योगों पर बयान इस दौरान चर्चा का केंद्र रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण उद्योग और व्यापार लगातार दबाव में हैं और यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो रोजगार पर व्यापक असर पड़ेगा।
बजरंग गर्ग का उद्योगों पर बयान: सरकार की नीतियों पर सवाल
बैठक को संबोधित करते हुए बजरंग गर्ग ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था व्यापार और उद्योग पर आधारित है, लेकिन वर्तमान नीतियां उद्योगों के अनुकूल नहीं हैं। उनका कहना था कि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के बजाय उन पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है, जिससे उत्पादन लागत और प्रतिस्पर्धा क्षमता दोनों प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यमुनानगर प्लाईवुड उद्योग का प्रमुख केंद्र है, जबकि पानीपत टेक्सटाइल और बहादुरगढ़ फुटवियर उद्योग के लिए देशभर में पहचाने जाते हैं। इन क्षेत्रों के उद्योग लाखों परिवारों की आजीविका का आधार हैं।
प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र और रोजगार
| जिला | प्रमुख उद्योग | रोजगार पर प्रभाव |
|---|---|---|
| यमुनानगर | प्लाईवुड उद्योग | स्थानीय व बाहरी श्रमिकों को व्यापक रोजगार |
| पानीपत | टेक्सटाइल उद्योग | हजारों कारीगर व मजदूर कार्यरत |
| बहादुरगढ़ | फुटवियर उद्योग | लघु एवं मध्यम इकाइयों में रोजगार |
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 80 प्रतिशत रोजगार व्यापार और उद्योग के माध्यम से सृजित होता है। यहां तक कि उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के लाखों लोग भी हरियाणा के उद्योगों में कार्यरत हैं।
बिजली बिलों में राहत की मांग
बैठक में बजरंग गर्ग का उद्योगों पर बयान बिजली दरों को लेकर विशेष रूप से मुखर रहा। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदेश के उद्योगों को बिजली के बिलों में 50 प्रतिशत सब्सिडी देनी चाहिए। हाल ही में बिजली के बिलों में फिक्स चार्ज 165 रुपये से बढ़ाकर 290 रुपये किए जाने से उद्योगपतियों में असंतोष है।
- बिजली के फिक्स चार्ज को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
- उपयोग के आधार पर ही बिल लिया जाए।
- लघु व मध्यम उद्योगों को विशेष राहत पैकेज दिया जाए।
- औद्योगिक इकाइयों के लिए स्थिर दर नीति लागू की जाए।
उन्होंने कहा कि फिक्स चार्ज प्रणाली उद्योगों के लिए अतिरिक्त वित्तीय दबाव पैदा करती है। यदि उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखना है तो ऊर्जा लागत को नियंत्रित करना आवश्यक है।
गांव स्तर पर उद्योगों को बढ़ावा देने की जरूरत
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे और मध्यम उद्योगों को विशेष पैकेज दिया जाना चाहिए। बजरंग गर्ग ने कहा कि यदि गांव स्तर पर उद्योग इकाइयां स्थापित होंगी तो महिलाओं, युवाओं और स्थानीय कारीगरों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार अकेले बेरोजगारी समाप्त नहीं कर सकती। व्यापार और उद्योग के माध्यम से ही स्थायी रोजगार सृजन संभव है। इसलिए सरकार को उद्योगों को अधिक से अधिक सुविधाएं देकर प्रोत्साहित करना चाहिए।
बैठक में मौजूद प्रमुख प्रतिनिधि
इस अवसर पर प्रदेश उप प्रधान केवल कृष्ण खरबंदा, प्रदेश महासचिव कैलाश गोयल लाडवा, जिला प्रधान अनिल भाटिया, प्रदेश सचिव मुकेश गोयल, सुरेश आनंद, प्रदेश सह सचिव हरविंदर सिंह भाटिया, प्रदेश युवा प्रभारी राहुल गर्ग, व्यापारी नेता रमन त्यागी, कमल विनायक, कुलदीप सिंह और युवा प्रधान महेंद्र पाल गर्ग (बिलासपुर) सहित अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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