मांगों को लेकर 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाएंगी आशा वर्कर्स

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सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता

अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आशा वर्कर्स ने 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इसी क्रम में सोनीपत जिले के पीएचसी मुरथल में आशा वर्कर्स की बैठक आयोजित की गई, जहां ऑनलाइन कार्य के दबाव का विरोध करते हुए प्राथमिक चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

ऑनलाइन काम के दबाव का किया विरोध

बैठक को संबोधित करते हुए जिला सह-सचिव सुमन सैनी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आशा वर्कर्स पर ऑनलाइन कार्य करने का दबाव बना रहा है, जबकि आशा वर्कर्स का अधिकांश समय फील्ड में बीतता है। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, जच्चा-बच्चा सुरक्षा, टीकाकरण, प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाने, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की निगरानी और विभिन्न सर्वे जैसे कार्यों में आशा वर्कर्स लगातार लगी रहती हैं।

फील्ड कार्य के कारण ऑनलाइन काम संभव नहीं

सुमन सैनी ने कहा कि फील्ड कार्यों के साथ-साथ रजिस्टरों में रिकॉर्ड दर्ज करने और विभाग को रिपोर्ट देने के बाद आशा वर्कर्स के पास ऑनलाइन काम के लिए समय नहीं बचता। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन कार्य एक तकनीकी प्रक्रिया है और कई आशा वर्कर्स कम पढ़ी-लिखी हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि ऑनलाइन काम के लिए अलग से पद सृजित कर भर्ती की जाए।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आशा वर्कर्स पर ऑनलाइन काम थोपा गया, तो वे गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल ठीक से नहीं कर पाएंगी, जिससे मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर बढ़ने की आशंका है। इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार की होगी।

इंसेंटिव बढ़ोतरी और बकाया भुगतान की मांग

आशा वर्कर्स ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अप्रैल 2025 से इंसेंटिव में 1500 रुपये बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संसद में स्वीकार भी किया, लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक यह राशि आशाओं को नहीं मिली। इसके अलावा हरियाणा में 73 दिन की हड़ताल के दौरान काटी गई राशि का भुगतान भी अब तक नहीं किया गया है।

12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान

आशा वर्कर्स ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि इस रवैये से उनमें भारी रोष है। इसी के विरोध स्वरूप 12 फरवरी 2026 को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लेने का निर्णय लिया गया है।

  • ऑनलाइन काम के दबाव का विरोध
  • इंसेंटिव बढ़ोतरी की राशि तुरंत जारी करने की मांग
  • 73 दिन की हड़ताल का बकाया भुगतान देने की मांग
  • 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान

बैठक को पीएचसी प्रधान पिंकेश, सचिव प्रवेश और कृष्णा वर्मा ने भी संबोधित किया। आशा वर्कर्स ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया।

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