Monday, January 26, 2026
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शाहडोल में तेंदुए की खाल के साथ पटवारी गिरफ्तार, वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

शहडोल, ब्यूरो रिपोर्ट | वेब वार्ता

मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तेंदुए की खाल के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी पटवारी</strong के पद पर पदस्थ बताया जा रहा है। यह गिरफ्तारी जैतपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत दर्ज पुराने वन्यप्राणी शिकार प्रकरण से जुड़ी है, जिसमें अब तक कुल 11 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

सिवनी जिले से पकड़े गए आरोपी

डीएफओ दक्षिण श्रद्धा पंद्रे ने जानकारी दी कि 27 अक्टूबर को जैतपुर वन परिक्षेत्र में पेंगोलिन शिकार के मामले में कार्रवाई करते हुए पहले ही 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। इसी प्रकरण में फरार चल रहे कुछ आरोपियों की तलाश में वन विभाग की टीम जिला सिवनी भेजी गई थी। वहां ग्राम देवघाट (मझगवां) में दबिश देकर दो संदिग्धों को पकड़ा गया।

तलाशी के दौरान रीझन लाल मरकाम (उम्र 54 वर्ष), निवासी ग्राम खांपा, थाना कोयलारी, जिला सिवनी के पास से एक बैग में तेंदुए की खाल बरामद की गई। आरोपी वर्तमान में हल्का बगलई, जिला सिवनी में पटवारी के पद पर पदस्थ है। वहीं दूसरे आरोपी रमाकांत दुबे (उम्र 35 वर्ष), निवासी संजीवनी नगर, गढ़ जबलपुर को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुराने शिकार प्रकरण से जुड़ा मामला

अधिकारियों के अनुसार यह मामला 2023 में दर्ज वन्यजीव शिकार प्रकरण से जुड़ा है। पूछताछ के दौरान आरोपी पटवारी का नाम सामने आने पर टीम ने उसे गिरफ्तार करने की योजना बनाई थी। जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तो आरोपी अपने बैग में तेंदुए की खाल रखे हुए मिला। यह खुलासा मंगलवार देर शाम वन विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट में किया गया।

जब्त की गई तेंदुए की खाल को सुरक्षा कारणों से वन विभाग परिसर में रखवाया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी यह स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि तेंदुए का शिकार कहां किया गया था और खाल उन्हें कहां से प्राप्त हुई। वन विभाग की टीम इस संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।

  • जैतपुर वन परिक्षेत्र के पुराने वन्यप्राणी शिकार प्रकरण से जुड़ी कार्रवाई।
  • सिवनी से गिरफ्तार आरोपियों में एक पटवारी रीझन लाल मरकाम भी शामिल।
  • दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज।

वन विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध वन्यजीव तस्करी और शिकार के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विभाग ने ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी है। सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य संभावित सहयोगियों की भी तलाश की जा रही है।

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