सीहोर, राज्य डेस्क | वेब वार्ता
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर जिले के अमलाहा में राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत आयोजित राष्ट्र-स्तरीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और दलहन उत्पादन को बढ़ावा देना है।
कृषि अनुसंधान से जुड़े प्रकाशनों का विमोचन
सम्मेलन के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा प्रकाशित ‘बायोलॉजिकल सॉल्यूशंस: एडवांसिंग री-जेनेरेटिंग एग्रीकल्चर फॉर हेल्थ एंड एनवायरनमेंट’ पुस्तक का विमोचन किया गया। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर चर्चित संस्था आईसीएआरडीए की अनुसंधान आधारित पुस्तक भी जारी की गई। इन प्रकाशनों से किसानों और वैज्ञानिकों को नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी मिलेगी।
पल्सेस मिशन पोर्टल की लॉन्चिंग
कार्यक्रम में Pulses Mission Portal की भी औपचारिक शुरुआत की गई। इस पोर्टल के माध्यम से दलहन उत्पादन, विपणन, अनुसंधान और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारियां एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी। इससे किसानों को तकनीकी सहायता और योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियां
| गतिविधि | विवरण | उद्देश्य |
|---|---|---|
| पुस्तक विमोचन | आईसीएआर और आईसीएआरडीए की पुस्तकें | कृषि अनुसंधान को बढ़ावा |
| पोर्टल लॉन्च | Pulses Mission Portal | डिजिटल सेवाओं का विस्तार |
| पुरस्कार वितरण | नवाचार करने वाले किसान | प्रोत्साहन और सम्मान |
| प्रदर्शनी उद्घाटन | कृषि उत्पाद व तकनीक | नवीन तकनीक का प्रचार |
| पौधरोपण | परिसर में वृक्षारोपण | पर्यावरण संरक्षण |
- कार्यक्रम स्थल: अमलाहा, सीहोर
- मुख्य विषय: दलहन आत्मनिर्भरता
- फोकस: अनुसंधान और नवाचार
- लाभार्थी: किसान और वैज्ञानिक
किसानों को किया गया सम्मानित
सम्मेलन में जैविक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले किसानों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों का प्रोत्साहन ही कृषि विकास की सबसे बड़ी ताकत है।
प्रदर्शनी और पौधरोपण कार्यक्रम
दोनों नेताओं ने कृषि अनुसंधान एवं उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर उसका अवलोकन किया। इस दौरान नई तकनीकों, बीजों और जैविक उत्पादों की जानकारी दी गई। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के संदेश के तहत परिसर में पौधरोपण भी किया गया।
दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अनुसंधान, तकनीक और किसानों के सहयोग से कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प दोहराया।
निष्कर्ष
सीहोर में आयोजित यह राष्ट्र-स्तरीय सम्मेलन भारत को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुस्तक विमोचन, पोर्टल लॉन्च, किसान सम्मान और प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों से यह स्पष्ट है कि सरकार कृषि नवाचार और अनुसंधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इससे आने वाले वर्षों में किसानों की आय और कृषि उत्पादन दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
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