उज्जैन, डेस्क | वेब वार्ता
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन स्थित शिप्रा नदी के पावन तट पर पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली और किसानों के लिए 27 हजार करोड़ रुपये की बड़ी योजनाओं का ऐलान किया। यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पर्व से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शिप्रा तट पर पहली बार राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह
उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर आयोजित यह समारोह सुबह करीब 8:30 बजे प्रारंभ हुआ। राष्ट्रगान की धुन के बीच मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराया। यह पहला अवसर था जब राजधानी भोपाल के बाहर किसी धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल पर प्रदेश स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया गया। समारोह में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री का संबोधन: संस्कृति और विकास का संगम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि शिप्रा नदी भारत की प्राचीन संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से न केवल उज्जैन की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी, बल्कि आगामी सिम्हस्थ कुंभ की तैयारियों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी को आवश्यक बताया।
परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई भव्यता
समारोह के दौरान पुलिस बल, एनसीसी और स्काउट्स द्वारा आकर्षक मार्च-पास्ट किया गया। स्कूली बच्चों और स्थानीय सांस्कृतिक दलों ने देशभक्ति गीत, लोक नृत्य और भजन प्रस्तुत कर समारोह को यादगार बना दिया। बड़ी संख्या में मौजूद नागरिकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
किसानों और पशुपालकों के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
| क्षेत्र | घोषित राशि | उद्देश्य |
|---|---|---|
| किसान कल्याण | 27 हजार करोड़ रुपये | कृषि विकास और किसानों को सहायता |
| पशुपालन | करोड़ों रुपये की सौगात | पशुपालकों की आय में वृद्धि |
| उज्जैन विकास | विभिन्न परियोजनाएं | पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण |
- समारोह में 5 हजार से अधिक नागरिकों ने भाग लिया।
- लोक नृत्य और भजन सहित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई।
- शिप्रा नदी की सफाई और संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशासनिक तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था
जिला प्रशासन द्वारा आयोजन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। सैकड़ों पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की गई। मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए विशेष दस्ता मौजूद रहा। प्रशासन ने आयोजन को शांतिपूर्ण और सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
निष्कर्ष
गणतंत्र दिवस 2026 पर शिप्रा तट पर आयोजित यह समारोह मध्य प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा। तिरंगा फहराने के साथ किसानों और पशुपालकों के लिए की गई घोषणाएं सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी। यह आयोजन सांस्कृतिक आस्था, लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास के संकल्प का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है।
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