भोपाल, 29 मार्च (अकबर खान)। मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय सामने आया है। राज्य के नगरीय प्रशासन विभाग ने 123 नगर परिषदों में 492 तथा 46 नगर पालिकाओं में 276 एल्डरमैन की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। इस निर्णय के तहत प्रत्येक नगर परिषद में चार-चार एल्डरमैन मनोनीत किए गए हैं, जिससे शहरी प्रशासन में अनुभव और सुझाव आधारित निर्णयों को बल मिलने की उम्मीद है।
एल्डरमैन ऐसे मनोनीत पार्षद होते हैं, जिन्हें जनता सीधे नहीं चुनती, बल्कि सरकार या संबंधित प्राधिकरण द्वारा नियुक्त किया जाता है। ये नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद की बैठकों में भाग लेकर विकास योजनाओं, नीतियों और स्थानीय समस्याओं पर अपनी राय रखते हैं। साथ ही अपने अनुभव के आधार पर प्रशासन को प्रभावी निर्णय लेने में सहयोग करते हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नव-नियुक्त एल्डरमैनों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें शहरों के समग्र विकास, सुशासन और जनभागीदारी को मजबूत करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी नियुक्त सदस्य विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में प्रगति के नए आयाम स्थापित करेंगे।
इधर, राजनीतिक हलकों में निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच हुई अहम बैठक में प्रदेश कार्यसमिति के गठन के साथ-साथ निगम-मंडलों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर नियुक्तियों को लेकर चर्चा हुई है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही संभावित नामों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी, जिसके बाद इन पदों पर नियुक्तियों की घोषणा की जा सकती है।
इसके अलावा, आगामी 4 और 5 अप्रैल को भोपाल के शारदा विहार में प्रस्तावित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की समन्वय बैठक को लेकर भी रणनीतिक चर्चा की गई। इस बैठक में संघ के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भाजपा के पदाधिकारी भी शामिल होंगे, जहां संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी योजनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।



