इंदौर, 08 अप्रैल (वेब वार्ता)। इंदौर के मालवा मिल क्षेत्र में प्रस्तावित नई शराब दुकान को लेकर सोमवार सुबह से ही भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। राजकुमार ब्रिज के समीप खुलने वाली इस दुकान के खिलाफ स्थानीय रहवासियों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
जैसे ही क्षेत्रवासियों को दुकान शुरू किए जाने की तैयारी की सूचना मिली, बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर सड़क पर बैठ गए और मौके पर घेराव कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई बातचीत और कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही प्रदर्शनकारियों ने रास्ता खाली किया।
महिलाओं ने संभाली विरोध की कमान
इस आंदोलन की अगुवाई क्षेत्र की महिलाओं ने की, जो सुबह से ही मालवा मिल की मुख्य सड़क पर धरने पर बैठ गईं। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक शराब दुकान को हटाने का लिखित आदेश नहीं मिलेगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चिंता जताई कि रिहायशी इलाके में शराब दुकान खुलने से अपराध की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है और महिलाओं की सुरक्षा प्रभावित होगी। उनका कहना था कि ऐसे स्थानों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ता है, जिससे क्षेत्र का वातावरण खराब होता है और परिवारों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
व्यापारियों ने भी जताया कड़ा विरोध
जिस स्थान पर शराब दुकान प्रस्तावित है, वह मालवा मिल का एक प्रमुख और पुराना व्यापारिक केंद्र है। यहां कपड़े, मसाले, मिठाई और किराना समेत कई पारंपरिक व्यवसाय संचालित होते हैं। इसके पास ही एक व्यस्त सब्जी मंडी भी स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं खरीदारी के लिए पहुंचती हैं।
स्थानीय व्यापारियों ने भी इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि शराब दुकान खुलने से इलाके की छवि खराब होगी। उनका मानना है कि नशे की स्थिति में लोगों की आवाजाही बढ़ने से महिलाएं और परिवार बाजार आने से बचेंगे, जिससे व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी चिंताओं को गंभीरता से लिया जाएगा और उचित निर्णय किया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोग अब भी लिखित आदेश की मांग पर अड़े हुए हैं। फिलहाल स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और लोग प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।



