इंदौर, डेस्क | वेब वार्ता
मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार तड़के एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां बंगाली चौराहे के पास ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में आग लगने से 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, तड़के करीब 4 बजे घर के बाहर चार्जिंग पर लगी इलेक्ट्रिक कार में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग लगी और देखते ही देखते तीन मंजिला मकान इसकी चपेट में आ गया। गैस सिलेंडरों में हुए धमाकों ने स्थिति और भयावह बना दी, जिससे मकान का हिस्सा ढह गया और अंदर सो रहे लोगों को बचने का मौका नहीं मिला।
मृतकों की पहचान और स्थिति
| नाम | उम्र | निवास |
|---|---|---|
| विजय सेठिया | 65 | किशनगंज (बिहार) |
| सुमन सेठिया | 60 | किशनगंज (बिहार) |
| छोटू सेठिया | 22 | किशनगंज (बिहार) |
| राशि सेठिया | 12 | किशनगंज (बिहार) |
| अन्य 4 लोगों की भी मौत, पहचान की प्रक्रिया जारी | ||
मृतकों में बिहार के किशनगंज जिले के एक ही परिवार के सदस्य शामिल हैं, जो इलाज के सिलसिले में इंदौर आए हुए थे और रिश्तेदारों के यहां ठहरे थे।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस के अनुसार, इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग पर लगाने के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क गई। आग तेजी से मकान तक पहुंची और अंदर रखे गैस सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद सिलेंडर फटने लगे, जिससे जोरदार धमाके हुए और मकान का एक हिस्सा गिर गया।
- ई-कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट
- आग पूरे मकान में तेजी से फैली
- सिलेंडर ब्लास्ट से मकान का हिस्सा ढहा
डिजिटल लॉक बना जानलेवा, बचने का नहीं मिला मौका
हादसे के दौरान घर में लगे डिजिटल लॉक नहीं खुल पाए, जिससे अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार, फायर ब्रिगेड को सूचना देने के बावजूद गाड़ियां करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचीं, जिससे राहत कार्य में देरी हुई।
घायल अस्पताल में भर्ती, जांच जारी
इस हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
सरकार और नेताओं ने जताया दुख
| नेता | प्रतिक्रिया |
|---|---|
| सीएम मोहन यादव | घटना को पीड़ादायक बताया, दिवंगतों को श्रद्धांजलि |
| कैलाश विजयवर्गीय | ईवी चार्जिंग सुरक्षा के लिए SOP बनाने की मांग |
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। वहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे गंभीर और अलार्मिंग बताते हुए विशेषज्ञ समिति गठित कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की आवश्यकता जताई।
निष्कर्ष
इंदौर का यह हादसा न केवल सुरक्षा मानकों की अनदेखी, बल्कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग में सावधानी की जरूरत को भी उजागर करता है। ईवी चार्जिंग और घरेलू सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर अब गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
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