ग्वालियर, मुकेश शर्मा | वेब वार्ता
जन उत्थान न्यास के तत्वाधान में आयोजित होने वाले चतुर्थ सर्वजातीय निःशुल्क सामूहिक विवाह समारोह की तैयारियों को लेकर बुधवार को विवाह स्थल ‘जनकपुरी मैदान’ में महिला समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महापौर डॉ. शोभा सतीश सिकरवार ने की। इस दौरान 200 से अधिक महिलाओं ने भाग लेकर विवाह समारोह के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की और विभिन्न तैयारियों पर सुझाव दिए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि दूल्हों को अन्य उपहारों के साथ सुरक्षा के संदेश के रूप में हेलमेट भी प्रदान किया जाएगा।
महिला समिति की बैठक में बनी रूपरेखा
बैठक में सामूहिक विवाह कार्यक्रम की सभी रस्मों और तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। महिलाओं ने हल्दी, मेहंदी, महिला संगीत और स्वागत समारोह की जिम्मेदारियों को विभाजित करते हुए कार्ययोजना तय की। महापौर डॉ. शोभा सतीश सिकरवार ने कहा कि इस विवाह आयोजन को अपने परिवार के विवाह की तरह हर्ष और श्रद्धा के साथ संपन्न किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 51 कन्याओं का विवाह समारोह भव्य रूप से ‘जनकपुरी मैदान’ में आयोजित होगा, जिसमें समाज के सभी वर्गों की सहभागिता रहेगी। बैठक में एमआईसी सदस्य एवं पार्षद श्रीमती लक्ष्मी गुर्जर, श्रीमती गायत्री मंडेलिया, श्रीमती प्रेमलता जैन, श्रीमती संध्या कुशवाह, श्रीमती बबीता डाबर, श्रीमती वीणा भारद्वाज, श्रीमती रेखा जाटव सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का पूरा समय-सारणी और आयोजन स्थल
महापौर ने जानकारी दी कि विवाह कार्यक्रम की सभी रस्में ‘जनकपुरी मैदान’ में पूरी भव्यता के साथ आयोजित की जाएंगी।
- 21 जनवरी 2026 को हल्दी और मेहंदी की रस्में होंगी।
- 22 जनवरी को महिला संगीत का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
- 23 जनवरी को विवाह समारोह और बारातियों के स्वागत का मुख्य आयोजन होगा।
महापौर ने महिला समिति की सभी सदस्यों से अपील की कि 21 से 23 जनवरी तक वे पूर्ण समर्पण के साथ अपनी भूमिका निभाएं, ताकि कार्यक्रम को भव्य और यादगार बनाया जा सके।
सुरक्षा संदेश: दूल्हों को उपहार में मिलेगा हेलमेट
बैठक के दौरान महापौर डॉ. सिकरवार ने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि विवाह समारोह में सामाजिक संदेश भी शामिल किया जाना चाहिए। इसी क्रम में यह निर्णय लिया गया कि हर दूल्हे को अन्य उपहारों के साथ एक हेलमेट भी प्रदान किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना है। समिति की सदस्यों ने इस निर्णय का स्वागत किया और इसे “सेफ मैरिज, सेफ लाइफ” की थीम से जोड़ने की बात कही।
निष्कर्ष: सामाजिक समरसता और जागरूकता का संगम
सामूहिक विवाह आयोजन न केवल समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए राहत का माध्यम है, बल्कि यह सामाजिक एकता, महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा जागरूकता का भी प्रतीक बन गया है। ग्वालियर नगर निगम और जन उत्थान न्यास की इस पहल से समाज में “एकता और सुरक्षा” का संदेश जाएगा, जिससे आने वाले समय में अन्य शहरों को भी प्रेरणा मिलेगी।
हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें
ये भी पढ़ें: भोपाल गोमांस कांड: 35 करोड़ का स्लॉटर हाउस बना अवैध गोमांस फैक्ट्री, ठेकेदार जेल में, सिस्टम सवालों से बाहर




