भोपाल, राज्य वार्ता | वेब वार्ता
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुरहानपुर में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का एकमात्र लक्ष्य प्रदेश का चहुंमुखी, संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने जिले में ₹696.37 करोड़ की लागत से 80 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करते हुए बुरहानपुर में एग्रीकल्चर बेस्ड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित करने की घोषणा की।
विकास का प्रकाश, प्रदेश के हर कोने तक पहुंचे, यही हमारा प्रण है…
आज बुरहानपुर में ₹696 करोड़ से अधिक लागत के 80 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। जिले में जल्द ही कृषि आधारित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित होगी। बारकरी समुदाय के लिए कीर्तन केंद्र बनाया जाएगा। साथ… pic.twitter.com/YWCrKiYH46
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 14, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए हर नागरिक की सहभागिता सुनिश्चित कर रही है। विकास केवल योजनाओं तक सीमित न रहकर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही सरकार की प्राथमिकता है।
एक क्लिक में शुरू हुए 80 विकास कार्य
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल विकास कार्य | 80 |
| कुल लागत | ₹696.37 करोड़ |
| कार्यक्रम स्थल | नेहरू स्टेडियम, बुरहानपुर |
| शुभारंभ | सिंगल क्लिक प्रणाली |
मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से इन सभी परियोजनाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह योजनाएं जिले को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुरहानपुर के सर्वांगीण विकास के लिए कई अहम घोषणाएं कीं, जिससे कृषि, उद्योग, परिवहन और कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी।
- बुरहानपुर में मिनी एयरपोर्ट की स्थापना
- एग्रीकल्चर बेस्ड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन
- केला किसानों के लिए प्रोसेसिंग व भंडारण इकाई
- वारकरी समुदाय के लिए कीर्तन केंद्र
- युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण केंद्र
- खामनी–रायगांव एवं शाहपुर–सुखपुरी सड़क निर्माण
- हॉर्टीकल्चर विषय को सभी महाविद्यालयों में लागू करना
कृषि, उद्योग और रोजगार पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुरहानपुर केला, कपास और पावरलूम उद्योग के लिए देशभर में जाना जाता है। यहां के किसान और बुनकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकार द्वारा प्रोसेसिंग, भंडारण और निर्यात सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे किसानों और उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन होगा और युवाओं का पलायन रुकेगा। इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित कर जिले में नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
सिंचाई और जल संरक्षण को मिलेगी मजबूती
| परियोजना | लागत | लाभ |
|---|---|---|
| बड़ी सिंचाई परियोजना | ₹922.51 करोड़ | 17,700 हेक्टेयर क्षेत्र |
| नावथा परियोजना | ₹1673 करोड़ | 22 हजार किसान परिवार |
| ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना | विशेष परियोजना | भूजल स्तर सुधार |
मुख्यमंत्री ने कहा कि ताप्ती ग्राउंड वाटर मेगा रिचार्ज परियोजना पूरी होने के बाद जिले की कृषि भूमि अधिक उपजाऊ बनेगी। इससे किसानों की आय में स्थायी वृद्धि होगी।
‘बुनकरों का शहर’ बुरहानपुर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुरहानपुर को ‘बुनकरों का शहर’ कहा जाता है। यहां का पावरलूम उद्योग, कपड़ा उत्पादन और हस्तशिल्प देशभर में प्रसिद्ध है। सरकार कपड़ा उद्योग के आधुनिकीकरण और निर्यात को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि कपड़ा उद्योग के विस्तार से कपास उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसान और उद्योग दोनों मजबूत होंगे।
लाड़ली बहना योजना और सामाजिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने बताया कि लाड़ली बहना योजना की 33वीं किश्त प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
जनप्रतिनिधियों ने की विकास की सराहना
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने मुख्यमंत्री को धरातल पर काम करने वाला नेता बताया। विधायक अर्चना चिटनीस ने कहा कि बुरहानपुर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
रोड शो में उमड़ा जनसैलाब
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीजामाता चौराहा से नेहरू स्टेडियम तक रोड शो किया। हजारों नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी जनता पर फूलों की वर्षा कर अभिवादन स्वीकार किया।
बुरहानपुर के भविष्य की रूपरेखा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुरहानपुर को कृषि, उद्योग, शिक्षा और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। यहां की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को पर्यटन से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा।
निष्कर्ष
बुरहानपुर में ₹696 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों और एग्रीकल्चर बेस्ड इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की घोषणा से जिले को नई पहचान मिलेगी। यह पहल कृषि, उद्योग, रोजगार, सिंचाई और सामाजिक कल्याण को मजबूत कर बुरहानपुर को आत्मनिर्भर और विकसित जिला बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
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