भोपाल एम्स से प्लाज्मा चोरी का खुलासा: 1123 यूनिट्स 11 लाख की बरामदगी, 6 गिरफ्तार; महाराष्ट्र में बेचा गया

भोपाल (वेब वार्ता)। भोपाल के AIIMS ब्लड बैंक से प्लाज्मा चोरी का मामला सामने आया है। बागसेवनिया पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो मिलकर अंतराज्यीय कालाबाजारी कर रहे थे। चोरी का प्लाज्मा महाराष्ट्र के नासिक और औरंगाबाद की लैबों को बेचा गया था। पुलिस ने 1,123 यूनिट प्लाज्मा बरामद किया, जिसकी कीमत 11.72 लाख रुपये है। मुख्य आरोपी AIIMS का आउटसोर्स कर्मचारी है।

अतिरिक्त डीसीपी गौतम सोलंकी ने कहा, “यह चोरी 18-27 सितंबर के बीच हुई। आरोपी 1150 यूनिट चुराकर बेच चुके थे, लेकिन हमने 1,123 यूनिट बरामद की।”

मामला कैसे खुला: AIIMS की शिकायत पर FIR

19 सितंबर को AIIMS के प्रभारी सुरक्षा अधिकारी ज्ञानेंद्र प्रसाद ने बागसेवनिया थाने में FIR दर्ज कराई। जांच में ब्लड बैंक के आउटसोर्स कर्मचारी अंकित केलकर मुख्य आरोपी निकला। रिमांड पर पूछताछ में उसने अमित जाटव और लक्की पाठक का नाम लिया।

अंकित केलकर का टेंडर 30 सितंबर को खत्म हो रहा था, इसलिए उन्होंने नौकरी खत्म होने से पहले चोरी की योजना बनाई।

प्लाज्मा का काला कारोबार: महाराष्ट्र में बेचा गया

आरोपियों ने प्लाज्मा को 5,800 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से महाराष्ट्र के नासिक (इंदौर के इंडियन थैलीसीमिया ब्लड बैंक, शाम बडगुजर) और औरंगाबाद (सह्याद्री ब्लड बैंक, करण चव्हाण) की लैबों को बेचा। इन लैबों में प्लाज्मा से बायोमेडिकल दवाएं बनाई जा रही थीं।

प्लाज्मा चोरी नेटवर्क के आरोपी

आरोपी का नाम

विवरण

अंकित केलकर

AIIMS ब्लड बैंक आउटसोर्स कर्मचारी, मुख्य आरोपी; राजभवन परिसर निवासी।

अमित जाटव

नरसिंहपुर का निवासी, बरखेड़ा पठानी में रहता है।

लक्की पाठक

30 वर्षीय, गणेश कॉलोनी बरखेड़ी कला रातीबड़ निवासी।

दीपक पाठक

35 वर्षीय, लक्की का भाई; पटेल कॉलेज के सामने रातीबड़ निवासी।

शाम बडगुजर

27 वर्षीय, नासिक (महाराष्ट्र) निवासी; इंडियन थैलीसीमिया ब्लड बैंक संचालक।

करण चव्हाण

औरंगाबाद (महाराष्ट्र) निवासी; सह्याद्री ब्लड बैंक संचालक।

स्रोत: बागसेवनिया पुलिस

प्लाज्मा का उपयोग: दवाओं में कालाबाजारी

प्लाज्मा जले हुए मरीजों के लिए एल्वोविन बनाने और फार्मा कंपनियों द्वारा दवाओं में उपयोग होता है। आरोपियों ने 1150 यूनिट चुराईं, जिनमें से 1,123 बरामद हुईं। पुलिस ने मामला IPC की धारा 380 (चोरी), 420 (धोखाधड़ी) और अन्य के तहत दर्ज किया है।

पुलिस आगे जांच जारी रखेगी।

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