ग्वालियर/भिण्ड, मुकेश शर्मा | वेब वार्ता
भिण्ड जिले का शिक्षा विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ताज़ा मामला शहर के शास्त्री नगर ब्लॉक-ए में देवांशी गार्डन के पास संचालित द ग्लोबल इंटरनेशनल स्कूल का है, जिसकी मान्यता को लेकर गंभीर संदेह जताया जा रहा है। आरोप है कि यह स्कूल शासन के निर्धारित मानकों को पूरा किए बिना ही मान्यता प्राप्त कर संचालन कर रहा है। समाजसेवी गिर्राज कटारे ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और डीपीसी से की है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि इसी संचालक द्वारा संचालित न्यू विकास कान्वेंट स्कूल, सीता नगर स्थित घर संसार गली में, भी बिना उचित मान्यता के चलाया जा रहा है।
शिकायत के मुख्य बिंदु और आरोप
शिकायतकर्ता ने कहा कि दोनों स्कूलों की मान्यता *मध्यप्रदेश माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मान्यता नियम 2017 और 2020* के अनुपालन के बिना दी गई है। इन नियमों के अनुसार स्कूल संचालन के लिए भूमि, उपयुक्त भवन, बुनियादी ढांचा, खेलकूद मैदान, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं अनिवार्य हैं, जो इन स्कूलों में नहीं पाई गईं। इसके अलावा आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम 2016 के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए रैंप और श्रवण संकेत जैसी व्यवस्थाएं भी आवश्यक हैं, जिनकी अनुपस्थिति की शिकायत की गई है।
स्कूलों में नियमों की अनदेखी
शिकायत में बताया गया कि दोनों स्कूलों में न तो खेल मैदान की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही प्रयोगशालाएं या स्वास्थ्यकर शौचालय। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षकों को निर्धारित तीन वर्ष के भीतर कोई अनिवार्य प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। इसके साथ ही स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन भी नहीं किया गया, जबकि यह प्रत्येक मान्यता प्राप्त संस्थान के लिए आवश्यक है। समाजसेवी कटारे ने कहा कि इन स्कूलों में नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है और विभाग इस पर “नोटिस जारी” कर औपचारिकता निभा रहा है।
- स्कूल में बुनियादी ढांचे की भारी कमी।
- खेल मैदान, प्रयोगशाला और अलग-अलग शौचालयों का अभाव।
- शिक्षकों के अनिवार्य प्रशिक्षण और PTA गठन में लापरवाही।
- मान्यता प्रक्रिया पर शिक्षा विभाग की भूमिका संदिग्ध।
जिम्मेदारों की प्रतिक्रिया
शिकायत के बाद विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बीआरसी भिण्ड रंधौर सिंह यादव ने कहा, “स्कूल संचालक को नोटिस जारी कर दिया गया है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। जवाब आने के बाद विधिवत कार्रवाई की जाएगी।” वहीं, महेंद्र सिंह सुजानिया, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी डीपीसी भिण्ड ने कहा, “मेरे पास अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। जैसे ही रिपोर्ट प्राप्त होगी, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।” फिलहाल, शिक्षा विभाग की जांच और कार्रवाई की गति पर भी सवाल उठ रहे हैं।
निष्कर्ष: शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
द ग्लोबल इंटरनेशनल और न्यू विकास कान्वेंट स्कूल के मामलों ने एक बार फिर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। जहां नियमों की अनदेखी कर स्कूलों को मान्यता दी जा रही है, वहीं विभागीय जांच और जवाबदेही की प्रक्रिया भी सुस्त दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर शिक्षा संस्थान निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते हैं, तो छात्रों की सुरक्षा, गुणवत्ता और भविष्य — तीनों पर खतरा मंडराता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं।
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