भिंड / ग्वालियर, मुकेश शर्मा | वेब वार्ता
जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने केंद्रीय बजट के दौरान जनविकास से जुड़े सवालों पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भिंड प्रवास पर आए प्रदेश के कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना ने पत्रकारों के सवालों का संतोषजनक उत्तर देने के बजाय भड़ककर प्रतिक्रिया दी, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
पत्रकारों पर भड़कने की आदत बना चुके हैं भाजपा नेता
पंकज त्रिपाठी ने कहा कि जब भी मीडियाकर्मी जनविकास से जुड़े मुद्दों पर भाजपा सरकार के मंत्रियों, सांसदों या विधायकों से सवाल करते हैं, तो वे ठोस जवाब देने के बजाय उल्टा पत्रकारों पर ही भड़क उठते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा नेताओं को अब सवालों का सामना करने की आदत नहीं रही।
बजट में भिंड को क्या मिला, नहीं दे सके जवाब
त्रिपाठी ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय बजट की उपलब्धियां बताने भिंड पहुंचे कृषि मंत्री से जब पूछा गया कि इस बजट में जिले को क्या मिला है, तो वे कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। इसके साथ ही एनएच-719 को फोरलेन बनाने से जुड़े सवाल पर भी उन्होंने कोई ठोस उत्तर नहीं दिया।
| मुद्दा | पत्रकारों का प्रश्न | मंत्री की प्रतिक्रिया |
|---|---|---|
| केंद्रीय बजट | भिंड को क्या मिला? | स्पष्ट जवाब नहीं |
| एनएच-719 | फोरलेन परियोजना शामिल? | उत्तर से बचाव |
| जनविकास | योजनाओं की स्थिति | आलोचना पर नाराजगी |
सत्ता के नशे में जिम्मेदारी भूल रही सरकार
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा की तथाकथित “ट्रिपल इंजन सरकार” होने के बावजूद आम जनता की आवाज उठाने वाले पत्रकारों के सवालों का जवाब देना भी मंत्रीगण अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते। सत्ता के नशे में सरकार अपनी जवाबदेही भूलती जा रही है।
- पत्रकारों के साथ असभ्य व्यवहार के आरोप
- सवालों से बचने की प्रवृत्ति
- जनविकास पर ठोस जवाबों की कमी
- लोकतांत्रिक मर्यादाओं की अनदेखी
पूर्व घटनाओं का किया उल्लेख
पंकज त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा शासनकाल में पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। उन्होंने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर सवाल पूछने पर वरिष्ठ मंत्री द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का उदाहरण देते हुए कहा कि यह सरकार की मानसिकता को दर्शाता है।
शालीनता से जवाब देना सरकार का दायित्व
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों का कार्य जनता की आवाज को सामने लाना है। ऐसे में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को शालीनता के साथ सटीक और तथ्यात्मक उत्तर देना चाहिए, क्योंकि यह उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी है।
निष्कर्ष
कांग्रेस मीडिया प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार को आलोचना से बचने के बजाय जनता और मीडिया के सवालों का ईमानदारी से जवाब देना चाहिए। जनविकास से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता और जवाबदेही ही लोकतंत्र को मजबूत बना सकती है।







