अनूपपुर, 05 अप्रैल (वेब वार्ता)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा बस स्टैंड के पास शनिवार शाम एक तीन मंजिला इमारत के अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। घटना के 13 घंटे बाद भी मलबा हटाने और बचाव कार्य लगातार जारी है। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि घायलों का उपचार अस्पताल में चल रहा है।
राहत और बचाव अभियान रात भर जारी रहा। मलबे से अब तक पांच लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें से तीन को मृत घोषित कर दिया गया। अन्य घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
मौके पर एसडीआरएफ और प्रशासन तैनात
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम के साथ एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई। बचाव कार्य को तेज करने के लिए जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते तलाशी अभियान लगातार जारी है।
निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोतमा बस स्टैंड के समीप स्थित अग्रवाल लॉज की यह इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय भवन के ऊपरी हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा था, वहीं पास में नए निर्माण के लिए नींव की खुदाई भी की जा रही थी। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से पूरी इमारत कुछ ही सेकंड में जमींदोज हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई भयावह कहानी
घटना के चश्मदीदों के मुताबिक, अचानक तेज धमाके जैसी आवाज आई, जिसके बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते, पूरी इमारत धराशायी हो चुकी थी। आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए और मौके पर भीड़ जुट गई।
पुलिस अधीक्षक का बयान
पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने बताया कि शुरुआती जानकारी में कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई थी। अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रशासन ने कहा है कि राहत और बचाव कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि मलबे में कोई और व्यक्ति फंसा नहीं है। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है।



