रेवाड़ी, 02 अप्रैल (वेब वार्ता)। शहर में प्रॉपर्टी दिलाने के नाम पर एक कंपनी कर्मी से करीब 59 लाख रुपये की ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि धोखाधड़ी करने वालों ने पीड़ित के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर विभिन्न बैंकों से उसके नाम पर लोन लिया और पूरी रकम हड़प ली। मामले में कसौला थाना पुलिस ने एक महिला समेत 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पुलिस को दी शिकायत में रेवाड़ी निवासी डीके ने बताया कि वह बावल स्थित एक कंपनी में कार्यरत है। 19 अक्तूबर 2024 को कंपनी के एक सहकर्मी के माध्यम से उसकी मुलाकात गढ़ी बोलनी रोड स्थित एक सोसायटी में रहने वाले राकेश और अनिल से हुई। राकेश ने स्वयं को रियल एस्टेट कारोबारी बताते हुए प्रॉपर्टी में निवेश का प्रस्ताव दिया और बेहतर मुनाफे का झांसा दिया।
आठ बैंकों से कराया लोन
पीड़ित के अनुसार, शुरुआत में आरोपियों ने धारूहेड़ा की एक कंपनी के माध्यम से लोन लेकर रकम अपने खाते में ट्रांसफर करने और बदले में प्लॉट की रजिस्ट्री कराने की बात कही, जिसे उसने अस्वीकार कर दिया। इसके बावजूद आरोपियों ने उसके दस्तावेज लेकर 20 लाख रुपये का लोन दिलाने का भरोसा दिया और उसकी जानकारी के बिना आठ बैंकों में आवेदन कर दिया। 30 अक्तूबर से 5 नवंबर 2024 के बीच उसके नाम पर कुल 59,19,513 रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया गया।
ईएमआई भरने का दिया भरोसा
जब पीड़ित को इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई और उसने विरोध जताया, तो आरोपियों ने स्वयं किस्तें जमा कराने का आश्वासन दिया। इसी दौरान राकेश ने सुरक्षा के नाम पर पीड़ित के चेक भी अपने पास रख लिए। आरोप है कि इन चेकों का दुरुपयोग कर 30 अक्तूबर से 7 नवंबर के बीच उसके खाते से पूरी रकम निकाल ली गई।
जमीन भी निकली विवादित
पीड़ित ने बताया कि 14 नवंबर को आरोपियों ने 750 वर्गगज में से 400 वर्गगज जमीन उसके नाम दर्ज कर दी और शेष जमीन जल्द दिलाने का आश्वासन दिया। बाद में जांच करने पर सामने आया कि उक्त जमीन पहले से ही विवादित है और उस पर किसी अन्य व्यक्ति का कब्जा है। शुरुआत में राकेश ने 13 किस्तें जमा कराईं, लेकिन बाद में फ्लैट बेचकर फरार हो गया।
बाउंस हुए चेक
12 दिसंबर 2025 को राकेश ने लोन चुकाने के लिए फरवरी 2026 तारीख के 35 लाख और 33,99,167 रुपये के दो चेक दिए, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर दोनों चेक बाउंस हो गए। पीड़ित का आरोप है कि राकेश पहले भी करीब 30 लोगों के साथ इसी प्रकार की ठगी कर चुका है।
पुलिस ने राकेश, अनिल और ममता के साथ संबंधित बैंकों के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।



