आपदा में राजनीति नहीं, सहयोग करे विपक्ष: नायब सिंह सैनी

-कालाबाजारी पर और मुनाफाखोरी पर सख्ती, पेट्रोलियम संकट पर सरकार अलर्ट

-जनता से आह्वान-अफवाहों से बचें, कालाबाजारी करने वालों की दें सूचना

चंडीगढ़, 28 मार्च (वेब वार्ता)। खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति से बढ़ते पेट्रोलियम संकट के बीच नायब सरकार अलर्ट मोड में है। सरकार की ओर से कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर सख्ती बरतने के साथ संवदेनशील स्थानों पर पुलिस की गश्त बढ़ाई जा रही है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए स्पष्ट किया कि द्वारा पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती से आम जनता को महंगाई के दबाव से राहत मिली है और ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं।

शनिवार को हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आपदा के समय में विपक्ष को राजनीति की बजाय सहयोग करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक संकट के बीच राष्ट्र प्रथम के संकल्प पर प्रतिबद्धता जताते हुए एक्साइज ड्यूटी में कटौती करके देश में ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने का दूरदर्शी नेतृत्व का प्रमाण दिया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में कुल 4032 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां प्रतिदिन औसतन 4804 किलोलीटर पेट्रोल और 12003 किलोलीटर डीजल की बिक्री हो रही है। रसोई गैस की स्थिति भी पूरी तरह संतुलित है, हर दिन करीब 2 लाख सिलेंडर प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें से लगभग 1.90 लाख सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों, स्कूलों और अन्य आवश्यक संस्थानों में गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। वर्तमान में 1.73 लाख कमर्शियल सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है और केंद्र सरकार द्वारा 70 प्रतिशत आवंटन सुनिश्चित किया गया है।

सोशल मीडिया की अफवाहों से बचे जनता : सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर सख्ती बरती जा रही है। अब तक 928 वाहनों को जब्त किया जा चुका है और अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि घबराकर अतिरिक्त खरीदारी न करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचें। पीएनजी गैस के क्षेत्र में एक बड़ा निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए पहले ₹3 लाख प्रति किलोमीटर की दर से 10 वर्षों का अग्रिम शुल्क लिया जाता था, जिसे अब घटाकर मात्र 1000 प्रति किलोमीटर एकमुश्त कर दिया गया है। इससे प्रदेश में गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विस्तार मिलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

Latest

More articles