चंडीगढ, 08 अप्रैल (वेब वार्ता)। नायब सिंह सैनी ने यूपीएससी, एचपीएससी और न्यायिक सेवाओं की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अब ऐसे अभ्यर्थियों को आगे की तैयारी के लिए राज्य सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, ताकि आर्थिक कारणों से प्रतिभाशाली युवाओं की पढ़ाई प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने बताया कि “मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना” के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को 25 हजार से 70 हजार रुपये तक की सहायता दी जाएगी। आय के आधार पर सहायता राशि निर्धारित की गई है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद युवाओं को लाभ मिल सके।
उन्होंने यह घोषणा संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित नव-चयनित युवाओं के सम्मान समारोह में की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी है, जिसके निर्णय से लाखों लोगों का जीवन प्रभावित होता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सांध्यकालीन कक्षाओं की व्यवस्था की जाएगी। इससे उन युवाओं को विशेष लाभ मिलेगा, जो दिन में अन्य कार्यों में व्यस्त रहते हैं और शाम को पढ़ाई करना चाहते हैं।
अपने संबोधन में नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की सोच और निर्णय देश के भविष्य की दिशा तय करते हैं। उन्होंने नव-चयनित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब उनकी यात्रा व्यक्तिगत उपलब्धियों से आगे बढ़कर जनसेवा की यात्रा है।
मुख्यमंत्री ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता कठिन परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे निर्णय लेते समय समाज के अंतिम व्यक्ति के हित को ध्यान में रखें और संविधान के मूल्यों के अनुसार कार्य करें।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले वर्षों में बिना किसी भेदभाव के बड़ी संख्या में युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जिससे युवाओं का विश्वास बढ़ा है।
समारोह में विभिन्न सफल अभ्यर्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य से ही सफलता संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।



