रायपुर, 02 अप्रैल (वेब वार्ता)। वित्तीय वर्ष समाप्त होने से ठीक पहले छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग ने तेजी और समन्वय का अनोखा उदाहरण पेश करते हुए नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। महज 48 घंटे के भीतर राज्य के शहरी निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत 404.66 करोड़ रुपये की बड़ी राशि प्राप्त कर ली गई।
30 मार्च 2026 को भारत सरकार से पहली किस्त के रूप में 202.33 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके बाद विभाग ने बिना समय गंवाए उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस राशि को तत्काल नगरीय निकायों में वितरित कर दिया। साथ ही दूसरी किश्त प्राप्त करने की प्रक्रिया भी तुरंत शुरू कर दी गई।
24 घंटे में पूरी हुई प्रक्रिया
इस पूरी कार्यवाही की सबसे खास बात यह रही कि इसे मिशन मोड में केवल 24 घंटे के भीतर पूरा किया गया। कोषालय से राशि निकालने से लेकर उसे विभिन्न निकायों में स्थानांतरित करने और ग्रांट ट्रांसफर प्रमाण पत्र तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने तक का कार्य एक ही दिन में संपन्न कर दिया गया।
समय पर प्रक्रिया का मिला लाभ
समय सीमा के भीतर ग्रांट ट्रांसफर प्रमाण पत्र जमा होने का सकारात्मक परिणाम तुरंत देखने को मिला। केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा वित्त मंत्रालय के साथ बेहतर समन्वय के कारण दूसरी किश्त भी बिना किसी देरी के स्वीकृत कर दी गई। इसके तहत अतिरिक्त 202.33 करोड़ रुपये राज्य को प्राप्त हुए।
विकास कार्यों को मिलेगी गति
इस प्रकार कुल 404.66 करोड़ रुपये की राशि छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों के विकास के लिए सुनिश्चित की गई है। इस फंड से शहरी निकायों में विकास कार्यों को गति मिलने के साथ ही पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्य सरकार के इस तेज और समन्वित प्रयास को प्रशासनिक दक्षता का एक प्रभावी उदाहरण माना जा रहा है।



