ईटानगर, (वेब वार्ता)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल के टी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने सभी नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए बुनियादी ढांचे, ‘डिजिटल कनेक्टिविटी’ और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता की बृहस्पतिवार को पुष्टि की।
राज्यपाल ने राज्य के 39वें स्थापना दिवस के अवसर पर यहां आईजी पार्क में राष्ट्रध्वज फहराया। उन्होंने राज्य में हुई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की लेकिन साथ ही वर्तमान चुनौतियों से निपटने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले छात्रों की संख्या कम करने के प्रयास किए जाएं और सभी बच्चे पढ़ाई पूरी करें।
उन्होंने कहा कि जब छात्र अपनी शिक्षा पूरी करेंगे तभी अरुणाचल अपने खुद के शिक्षक, इंजीनियर और डॉक्टर तैयार कर पाएगा जिससे दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी।
परनाइक ने स्वच्छता और पर्यावरण प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करते हुए नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने और कचरे के उचित प्रबंधन के लिए ‘मिशन मोड’ में काम करने का आग्रह किया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कचरे का व्यवस्थित निपटान किया जाना चाहिए और इसकी शुरुआत गांवों से लेकर शहरों एवं पर्यटन क्षेत्रों तक होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘एक हरित और सुनियोजित राज्य को अवैध संरचनाओं, अतिक्रमणों और अनियमित निर्माण से मुक्त होना चाहिए।’’
राज्यपाल ने राज्य में नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे का जिक्र करते हुए रोकथाम और पुनर्वास का दोतरफा दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का इस्तेमाल सामाजिक ताने-बाने को नष्ट कर रहा है और इन पदार्थों के वितरण नेटवर्क की पहचान करके और उस पर रोक से इस समस्या से निपटना होगा।
परनाइक ने शासन, शिक्षा और प्रशासन में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने ‘ई-गवर्नेंस’ के तरीकों को अपनाने, डेटा प्रणालियों को स्वचालित करने और परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी के लिए ‘ऐप्लिकेशन’ विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन संबंधी बेहतर बुनियादी ढांचे और आतिथ्य सेवाओं की आवश्यकता पर बल दिया।
परनाइक ने प्रमुख बुनियादी ढांचे और बिजली क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार ने 4,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया है, जिससे दूरदराज के गांवों तक संपर्क सुविधा सुनिश्चित हुई है और सभी जिला मुख्यालयों को दो-लेन राजमार्गों के माध्यम से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि अंतर-घाटी संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से 1,748 किलोमीटर लंबी ‘फ्रंटियर’ राजमार्ग परियोजना पर तेजी से काम जारी है।