Saturday, February 28, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

अखिलेश यादव ने 10 बिंदुओं में बताई भाजपा के ‘महा-आयोजनों’ की क्रोनोलॉजी

लखनऊ, (वेब वार्ता)। सपा नेता अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए ‘महा आयोजन’ के दौरान उनकी गलतियों की पूरी एक लिस्ट बताई है। जिसमें उन्होंने दस महत्वपूर्ण बातें बताई हैं कि कैसे भाजपा महा आयोजन के समय किसी की राय को अपनी आलोचना समझ कर नजरअंदाज कर देती है। इसके अलावा अखिलेश यादव ने और बहुत सी बातें बताई हैं जिसको खुद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। जाने अखिलेश यादव ने पोस्ट कर क्या कहा-

भाजपा राज्य में ‘महा-आयोजनों’ से संबंधित हादसों और भाजपाइयों की त्रुटिपूर्ण नीतियों और उसके अंतर्निहित कारणों की क्रोनोलॉजी:

  1. सबसे पहले किसी भी ‘महा-आयोजन’ को राजनीतिक दृष्टि से देखना और उसे अपने आत्म प्रचार व चुनावी फ़ायदा उठाने के लिए दुरुपयोग करना फिर वो चाहे धार्मिक आयोजन हो, सामाजिक, सांस्कृतिक या फिर कूटनीतिक।
  2. ⁠’महा-आयोजन’ की व्यवस्था से ज़्यादा उसके प्रचार पर पैसा बहाना। उसके संबंध में मिथ्या प्रचार करके जनता में झूठ फैलाकर, जनता का भावनात्मक शोषण करना।
  3. ⁠अहंकारी भाजपाइयों का अपने को ही ’महा-आयोजन’ से जुड़ी हर बात का विशेषज्ञ समझकर मनमानी करना।
  4. ⁠आत्मकेंद्रित होने की वजह से ‘महा-आयोजन’ से संबंधित पुर्वानुमानों की चुनौतियों की पूरी तरह उपेक्षा करना।
  5. ⁠ ‘महा-आयोजन’ के लिए चेतानेवाली दूसरे पक्ष की सलाह को अपनी आलोचना मानकर अस्वीकार कर देना।
  6. ⁠ ‘महा-आयोजन’ की कमियों की ओर इंगित करती ख़बरों को निजी आरोप समझकर उन पर हमलावर होना।
  7. ‘महा-आयोजन’ में दुर्घटना होने पर सबसे पहले मीडिया प्रबंधन करके हादसे के समाचार को दबाना न कि दुर्घटना को स्वीकार करके राहत, बचाव व सुधार आपदा प्रबंधन करना।
  8. ‘महा-आयोजन’ के हादसे में मरनेवालों और घायलों के आँकड़ों को छिपाना जिससे अपनी बदइंतज़ामी की कमी को कम-से-कम करके दिखाया जा सके। मृतकों के परिजनों को शव लेने के लिए दौड़ा-दौड़ा कर हताश निराश कर देना और उनसे मृत्यु की वजह कुछ और बताकर मामला रफ़ा-दफ़ा करना।
  9. ⁠महा-आयोजन’ में हादसा होने पर किसी और को उसके लिए ज़िम्मेदार ठहराकर ज़िम्मेदारी से अपना पल्ला झाड़ना या उसे साज़िश बताकर अपनी ख़ामियों पर परदा डालना।
  10. ‘महा-आयोजन’ के हादसे से भाजपाइयों की आपसी राजनीति की खींचातानी का बढ़ जाना, एक का मना करना तो दूसरे का स्वीकार करना और अपने-अपने समर्थकों से एक-दूसरे पर कीचड़ उछलवाना।

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img
spot_img