कोलकाता/नई दिल्ली, 31 मार्च (वेब वार्ता)। पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार आज मुख्य निर्वाचन आयुक्त की पूर्ण पीठ के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे, जिसमें नई तारीख तय करने पर विचार किया जाएगा।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को अतिरिक्त समय दिया जाए। इस निर्देश के बाद अब सूची जारी करने की पूर्व निर्धारित तिथि में बदलाव तय माना जा रहा है।
प्रकाशन तिथि पर होगा निर्णय
बैठक में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की नई समयसीमा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पहले यह तिथि 14 फरवरी निर्धारित की गई थी, लेकिन दावों और आपत्तियों की सुनवाई तथा सत्यापन प्रक्रिया को देखते हुए अब इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, अब अंतिम सूची का प्रकाशन 21 फरवरी के बाद ही संभव है और इसे माह के अंत तक जारी किया जा सकता है। इससे पहले अधिकारियों को सभी आपत्तियों और दावों की जांच पूरी करने का पर्याप्त समय मिलेगा।
चुनावी तैयारियों पर भी चर्चा
बैठक में केवल मतदाता सूची ही नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श होगा। इसमें चुनाव कितने चरणों में कराए जाएंगे और केंद्रीय सुरक्षा बलों की कितनी आवश्यकता होगी, जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिया जा सकता है।
राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय पहले ही एक चरण में चुनाव कराने का प्रस्ताव भेज चुका है, हालांकि अंतिम निर्णय चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ द्वारा लिया जाएगा।
जल्द होगा चुनाव कार्यक्रम का ऐलान
अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद चुनाव आयोग की टीम राज्य का दौरा कर तैयारियों का जायजा लेगी। इसके बाद ही विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा की जाएगी।
स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया अब अंतिम चरण में प्रवेश कर रही है और मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही चुनावी माहौल और अधिक सक्रिय होने की संभावना है।



