नई दिल्ली, ब्यूरो | वेब वार्ता
भारत की रेलवे यात्रा अब एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। लंबे इंतज़ार के बाद भारतीय रेलवे ने आखिरकार अपनी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पटरियों पर उतार दिया है। यह ट्रेन कामख्या (गुवाहटी) से हावड़ा के बीच चल रही है और इसे शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन न केवल तकनीक और डिजाइन के लिहाज से अनोखी है, बल्कि यह भारतीय यात्रियों के लिए आराम, स्पीड और सुरक्षा के नए मानक स्थापित करने जा रही है।
क्यों खास है वंदे भारत स्लीपर ट्रेन?
पश्चिम बंगाल को पीएम @narendramodi जी की सौगात:
🚆 देश की पहली वंदे भारत स्लीपर
🚉 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें
🏗️ 101 स्टेशनों का पुनर्निर्माण
🛤️ न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन का आधुनिकीकरण pic.twitter.com/Ru32gCdae1— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) January 16, 2026
अब तक चलने वाली सभी वंदे भारत ट्रेनें चेयर कार (दिन में बैठकर यात्रा) के लिए डिज़ाइन की गई थीं। लेकिन अब पहली बार भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की रात की यात्रा को ध्यान में रखते हुए स्लीपर वेरिएंट को लॉन्च किया है। इसे राजधानी एक्सप्रेस का आधुनिक विकल्प कहा जा रहा है — यानी वही गति, वही प्रीमियम अनुभव, लेकिन और अधिक तकनीकी सुविधाओं के साथ।
ट्रेन का इतिहास: टी-20 से वंदे भारत स्लीपर तक
इस ट्रेन की कल्पना 2018 में की गई थी जब चेन्नई की इंटिग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने टी-18 और टी-20 परियोजनाओं पर काम शुरू किया था। इनमें “T” का अर्थ “Trainset” था, और टी-20 का नाम 2020 के लक्षित लॉन्च वर्ष के साथ रखा गया था। लेकिन COVID महामारी और तकनीकी परीक्षणों के चलते यह योजना कुछ वर्षों तक टल गई। अब, लगभग छह साल बाद, “टी-20” योजना ही भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के रूप में साकार हुई है।
रूट और टाइम टेबल
भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कामख्या (गुवाहटी) – हावड़ा के बीच संचालित हो रही है। इसका ट्रेन नंबर 27575/27576 है। ट्रेन का कुल सफर लगभग 958 किलोमीटर का है, जिसे यह मात्र 14 घंटे में पूरा करती है।
कामख्या से हावड़ा: यह ट्रेन हर दिन (बुधवार को छोड़कर) शाम 6:15 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 8:15 बजे हावड़ा पहुंचेगी।
हावड़ा से कामख्या: यह ट्रेन हर दिन (गुरुवार को छोड़कर) शाम 6:20 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 8:20 बजे कामख्या पहुंचेगी।
मुख्य स्टेशन और स्टॉपेज
यह ट्रेन कुल 13 प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी, जिनमें शामिल हैं — रांगिया, न्यू बॉन्गईगांव, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू कूच बिहार, जलपाईगुड़ी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, मालदा टाउन, न्यू फरक्का, अज़ीमगंज, कटवा, नबाद्वीप धाम, बंडेल जंक्शन और हावड़ा।
स्पीड, डिजाइन और प्रदर्शन
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की डिज़ाइन स्पीड 180 किमी/घंटा है। यह 52 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की गति पकड़ सकती है। फिलहाल इस रूट पर इसकी औसत स्पीड 65 किमी/घंटा रखी गई है, जिससे यात्रियों का सफर करीब 3 घंटे कम होगा। ट्रेन में इलेक्ट्रो-प्न्यूमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम, GPS आधारित कंट्रोल और एनर्जी रीजेनेरेशन तकनीक भी दी गई है।
कोच और बर्थ की संरचना
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच हैं — जिनमें 11 एसी-3 टियर, 4 एसी-2 टियर और 1 एसी-1 क्लास कोच शामिल है। इन कोचों में कुल 823 बर्थ हैं, जिनमें एसी-3 में 611, एसी-2 में 188 और एसी-1 में 24 बर्थें हैं। प्रत्येक कोच में ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर, नाइट लाइट, चार्जिंग पॉइंट, रीडिंग लैंप और बायो-वैक्यूम टॉयलेट की सुविधा दी गई है।
सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में ‘कवच सिस्टम’ लगाया गया है — यह एक स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा तकनीक है जो टक्कर की संभावना होने पर ट्रेन को स्वतः रोक देती है। इसके अलावा ट्रेन में Wi-Fi आधारित इंफोटेनमेंट सिस्टम, फायर डिटेक्शन, CCTV निगरानी और स्मार्ट टेंपरेचर कंट्रोल सिस्टम भी है। यात्रियों के लिए खाना, चाय और स्नैक्स की व्यवस्था टिकट किराये में शामिल है।
किराया और टिकट बुकिंग
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया सामान्य सुपरफास्ट या राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ा अधिक है। कामख्या से हावड़ा के बीच:
- एसी-3 टियर: ₹2999 (+5% GST)
- एसी-2 टियर: ₹3970 (+5% GST)
- एसी-1 टियर: ₹5250 (+5% GST)
यह किराया खाने की सुविधा सहित है और टिकट IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से 60 दिन पहले बुक किए जा सकते हैं। न्यूनतम टिकट दूरी 400 किमी निर्धारित की गई है।
रेलवे के लिए क्या मायने रखती है यह ट्रेन?
रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेलवे के इतिहास में सबसे बड़ी तकनीकी छलांग मानी जा रही है। यह ट्रेन राजधानी और दुरंतो जैसी ट्रेनों की जगह लेगी और यात्रियों को अधिक सुविधा, बेहतर सुरक्षा और तेज यात्रा प्रदान करेगी। यह भारतीय रेलवे की “मेक इन इंडिया” पहल की सफलता का भी प्रतीक है। अगले कुछ वर्षों में ऐसे 200 से अधिक वंदे भारत स्लीपर रेक तैयार करने की योजना है।
- कामख्या–हावड़ा रूट पर पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू
- डिज़ाइन स्पीड 180 किमी/घंटा, 52 सेकंड में 100 की रफ्तार
- 16 कोच, 823 बर्थ और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली
- राजधानी एक्सप्रेस की जगह लेगी आधुनिक स्लीपर ट्रेन
- ‘मेक इन इंडिया’ के तहत चेन्नई ICF में निर्मित
भविष्य की योजना: 2047 तक 2400 वंदे भारत ट्रेनें
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, 2030 तक देश में लगभग 800 वंदे भारत ट्रेनें चलाने का लक्ष्य है, जबकि 2047 तक यह संख्या 2400 तक पहुंच जाएगी। इन ट्रेनों में से एक तिहाई स्लीपर क्लास के रूप में होंगी। इसका उद्देश्य है कि भारत की लंबी दूरी की रात की यात्रा भी तेज, सुरक्षित और प्रीमियम अनुभव में बदल जाए।
निष्कर्ष: भारत की रेल यात्रा में नया स्वर्ण अध्याय
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन केवल एक नई ट्रेन नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी और औद्योगिक प्रगति का प्रतीक है। यह ट्रेन दिखाती है कि भारत अब विदेशी ट्रेनों की नकल नहीं करता, बल्कि अपनी अनूठी तकनीक से वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकता है। आराम, सुरक्षा और गति — इन तीनों के संगम से यह ट्रेन भारतीय यात्रियों को विश्व स्तरीय अनुभव दे रही है। कामख्या से हावड़ा तक का सफर अब सिर्फ़ दूरी नहीं, बल्कि गर्व की यात्रा बन गया है।
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