वैष्णव ने की बुलेट ट्रेन परियोजना के आणंद नाडियाड स्टेशन में निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा

नाडियाड, (वेब वार्ता)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यहां हाईस्पीड रेलवे (बुलेट ट्रेन) परियोजना के आणंद नाडियाड स्टेशन में निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। रेल मंत्री ने बुलेट ट्रेन परियोजना में काम कर रहे श्रमिकों और कर्मचारियों से मुलाकात की और उनकी कुशल क्षेम पूछी। श्री वैष्णव उनके साथ ज़मीन पर बैठे और तस्वीरें खिंचवाईं। रेल मंत्री ने श्रमिकों को देश निर्माण में योगदान देने के लिए बधाइयाँ दीं। श्रमिकों ने भी जोश में आकर भारत माता की जय के नारे लगाये। श्रमिकों ने कहा कि जब सरकार और मंत्री हमें इतनी इज्जत देते है तो हम अपना सब कुछ लगा कर जी जान से काम करेंगे।

श्री वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा कि बुलेट-ट्रेन परियोजना बहुत तेजी से बढ़ रही है। भारतीय विशेषज्ञों ने गुणवत्ता और गति के मामले में अद्वितीय प्रदर्शन किया है और जापान के विशेषज्ञ भी इसकी प्रशंसा कर रहे हैं हालांकि, उन्होंने इस परियोजना के पूरे होने की समय सीमा के बारे में कुछ नहीं कहा। इससे पहले उन्होंने बुलेट ट्रेन परियोजना में आणंद के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग 48 को पार करने के लिए देश में पहली बार बनाए गए 100 मीटर के गर्डर को भी देखा। शत प्रतिशत भारतीय इस्पात का उपयोग करके हापुड़ के सालासर संयंत्र में स्टील गर्डर घटकों का निर्माण सफलतापूर्वक तैयार किया गया है। स्टील को टाटा, जेएसडब्ल्यू और सेल जैसे प्रमुख निर्माताओं से प्राप्त किया गया है, जिससे परियोजना के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री सुनिश्चित हुई। निर्माण की गति बढ़ाने के लिए, स्टील गर्डर की असेंबली में विशेष ‘टीएचएसबी’ बोल्ट का उपयोग किया गया है। इन उच्च शक्ति वाले बोल्टों का उत्पादन पूरी तरह से भोपाल के उन्ब्राको कारखाने में किया गया है, जिसमें महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में उन्नत भारतीय विनिर्माण की भागीदारी को प्रदर्शित किया गया है।

पुल के स्थायित्व के लिए, ‘सी 5’ पेंट सिस्टम, जो अपने 20 साल के सेवा जीवन के लिए जाना जाता है, का उपयोग किया गया है। पेंट सामग्री का निर्माण पूरे भारत में निप्पॉन कारखानों में किया गया है, जो पर्यावरणीय कारकों के खिलाफ लंबे समय तक चलने वाली सुरक्षा सुनिश्चित करता है और स्टील पुलों के जीवनकाल को बढ़ाता है। गर्डर का सपोर्ट करने के लिए मैगेबा द्वारा अपने कोलकाता संयंत्र में धातु से घिरे इलास्टोमेरिक बीयरिंग का निर्माण किया गया है। ये बीयरिंग झटके और आंदोलनों को अवशोषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, पुल संरचनाओं की स्थिरता और दीर्घायु सुनिश्चित करते हैं।

वैष्णव से पहले केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शनिवार को मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना का पहली बार निरीक्षण किया बिट्टू ने कहा कि यह परियोजना पीएम मोदी के आधुनिक रेलवे नेटवर्क के विजन का हिस्सा है। जिससे करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिला है। मीडिया से बात करते हुए बिट्टू ने परियोजना के क्रियान्वयन की प्रशंसा की। बिट्‌टू ने कहा कि मैं पहली बार यहां आया हूं। यह एक बेहतरीन परियोजना है। बिट्‌टू ने कहा कि हाई-स्पीड रेल की दुनिया को जरूरत है और यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप भारत को ‘विकसित भारत’ की ओर ले जा रही है। गुजरात में काम की गति अच्छी है, लेकिन महाराष्ट्र में इसमें कुछ अतिरिक्त समय लग रहा है, क्योंकि भूमि अधिग्रहण का कुछ काम होना है।

अधिकारियों द्वारा किए जा रहे काम की तेज़ गति की प्रशंसा करते हुए बिट्टू ने कहा कि पुल का 40 मीटर हिस्सा सिर्फ़ 16 घंटे में बनाया जा रहा है, तो इससे आप निर्माण कार्य की गति का अंदाज़ा लगा सकते हैं। जापान के साथ साझेदारी में विकसित बुलेट ट्रेन परियोजना देश के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुंबई, सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे व्यापारिक केंद्रों को जोड़ने वाली एमएएचएसआर परियोजना गुजरात और महाराष्ट्र के उच्च विकास वाले क्षेत्रों से होकर गुज़रती है। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 1,08,000 करोड़ रुपये है। मुंबई अहमदाबाद के बीच अधिकतम 320 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से बुलेट ट्रेन चलने की संभावना है। बुलेट ट्रेन कुल 12 स्थानों पर रुकेगी। स्टेशनों का काम भी तेजी से पूरा हो रहा है।

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img
spot_img