Wednesday, February 11, 2026
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ताज के साये में थाईलैंड की राजकुमारी: आगरा के किलों में बिखरी शाही चमक

आगरा, नेशनल वार्ता | वेब वार्ता

थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नावरी नारिरत्ना राजकन्या ने अपने पांच दिवसीय भारत दौरे के अंतिम चरण में बुधवार को विश्व प्रसिद्ध ताजमहल और आगरा किले का भ्रमण किया। यह दौरा निजी प्रकृति का था, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के अतिथि के रूप में आयोजित किया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए इस शाही दौरे ने आगरा को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई।

कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ आगमन

राजकुमारी 10 फरवरी की शाम जोधपुर से विशेष विमान द्वारा खेरिया एयरपोर्ट, आगरा पहुंचीं। पहले से तैनात थाई सुरक्षा टीम और स्थानीय प्रशासन की निगरानी में उन्हें होटल तक सुरक्षित पहुंचाया गया। रात्रि विश्राम के बाद बुधवार सुबह उनका ताजमहल भ्रमण कार्यक्रम शुरू हुआ।

पहलूविवरण
आगमन10 फरवरी, खेरिया एयरपोर्ट
दौराताजमहल और आगरा किला
सुरक्षाCISF, स्थानीय पुलिस, थाई टीम
समयावधिलगभग 3 घंटे

ताजमहल की सुंदरता पर हुईं मुग्ध

 

बुधवार सुबह करीब आठ बजे राजकुमारी होटल से शिल्पग्राम पहुंचीं और बैटरी चालित गोल्फ कार्ट से ताजमहल परिसर में प्रवेश किया। उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक ताजमहल का अवलोकन किया और इसकी स्थापत्य कला से प्रभावित नजर आईं। प्रसिद्ध डायना बेंच पर उन्होंने फोटो सेशन भी कराया।

  • सुबह 8 बजे ताजमहल में प्रवेश
  • डेढ़ घंटे तक भ्रमण
  • डायना बेंच पर फोटो सेशन
  • फोटोग्राफी में विशेष रुचि

गाइड ने दी ऐतिहासिक जानकारी

भ्रमण के दौरान गाइड नितिन सिंह ने राजकुमारी को ताजमहल के निर्माण काल (1632-1653), पच्चीकारी कला, संगमरमर की संरचना और शाहजहां-मुमताज की प्रेम कथा की विस्तृत जानकारी दी। राजकुमारी इतिहास और संस्कृति में गहरी रुचि दिखाती नजर आईं।

आगरा किले के प्रतिबंधित हिस्सों का किया अवलोकन

ताजमहल भ्रमण के बाद राजकुमारी सीधे आगरा किले पहुंचीं। विशेष अनुमति के तहत उन्हें मुसम्मन बुर्ज और दीवान-ए-खास जैसे सामान्य पर्यटकों के लिए बंद हिस्सों का भ्रमण कराया गया। यहां से उन्होंने यमुना नदी और ताजमहल का दृश्य भी देखा।

भारत-थाईलैंड संबंधों को मिला नया आयाम

राजकुमारी सिरिवन्नावरी नारिरत्ना थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न की पुत्री हैं और फैशन, कला व फोटोग्राफी की शौकीन मानी जाती हैं। यह दौरा भारत-थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने वाला माना जा रहा है, विशेषकर 2026 में दोनों देशों के 75 वर्षों के राजनयिक संबंधों के अवसर पर।

निष्कर्ष

थाईलैंड की राजकुमारी का यह शाही दौरा आगरा के पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ है। ताजमहल और आगरा किले जैसे ऐतिहासिक स्थलों का उनका भ्रमण भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर और सशक्त करता है। इससे भविष्य में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की भी संभावना है।

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