इस्लामाबाद, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
-पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ी नजदीकी पर आया लश्कर-ए-तैयबा का पहला रिएक्शन: डिप्टी चीफ कसूरी ने दी बधाई, भारत के लिए चिंता का विषय
पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ते राजनयिक और सैन्य रिश्तों का पाकिस्तान में स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने खुलकर स्वागत किया है। LeT के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने बयान जारी कर दोनों देशों के संबंधों को मुस्लिम दुनिया के लिए “पॉजिटिव रीअलाइनमेंट” बताया है। कसूरी ने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच शुरू हुए व्यापार को “सराहनीय और प्रशंसनीय” कदम माना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कसूरी का यह बयान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने पाकिस्तान-बांग्लादेश के संबंधों को मुस्लिम दुनिया के लिए सकारात्मक बदलाव के रूप में पेश किया है, जो LeT की भारत-विरोधी विचारधारा को मजबूत करता है।
आतंकी समूहों की नजर क्षेत्रीय डिप्लोमेसी पर
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के आतंकी समूह क्षेत्रीय डिप्लोमेटिक अवसरों को ऑपरेशनल मौकों के रूप में देख रहे हैं। यह दक्षिण एशिया में जिहादी प्रभाव का विस्तार करने के लिए किया जा रहा है। पूरे इलाके में गहरे लॉजिस्टिकल, भर्ती और वैचारिक नेटवर्क होने का अनुमान है। बांग्लादेश पहले भी पाकिस्तानी चरमपंथी समूहों से जुड़े आतंकी फंडिंग और ट्रांजिट जांच में शामिल रहा है, जिससे मौजूदा चिंताएं बढ़ गई हैं।
भारत के लिए क्यों चिंता की बात?
यह बयान भारत के लिए चिंता का विषय इसलिए है क्योंकि इससे जिहादी नेटवर्क के विस्तार की आशंका बढ़ गई है। LeT पहले भी भारत के खिलाफ हमलों के लिए बांग्लादेश का इस्तेमाल करने की योजना बना चुका है। LeT कमांडर सैफुल्लाह ने पहले भारत पर हमले के लिए बांग्लादेश को “हिडन लॉन्चपैड” बताया था।
LeT की पाकिस्तान आर्मी से टाईज
LeT के डिप्टी चीफ कसूरी ने हाल ही में पाकिस्तान आर्मी से अपनी करीबी का खुलासा किया था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना उन्हें सैनिकों के अंतिम संस्कार में बुलाती है। उन्होंने दावा किया कि भारत उनसे डरता है। यह बयान पाकिस्तान के आतंकी समूहों और आर्मी के बीच गठजोड़ को उजागर करता है।
प्रमुख बिंदु एक नजर में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मुख्य बयान | सैफुल्लाह कसूरी ने पाक-बांग्लादेश संबंधों को मुस्लिम दुनिया के लिए पॉजिटिव बताया |
| व्यापार पर टिप्पणी | दोनों देशों के बीच शुरू हुए व्यापार को सराहनीय और प्रशंसनीय कदम कहा |
| भारत के लिए खतरा | जिहादी नेटवर्क का विस्तार, बांग्लादेश को लॉन्चपैड के रूप में इस्तेमाल की आशंका |
| LeT का दावा | पाकिस्तानी आर्मी से करीबी, भारत LeT से डरता है |
लश्कर-ए-तैयबा का यह रिएक्शन पाकिस्तान और बांग्लादेश के संबंधों को आतंकी संगठनों के लिए रणनीतिक अवसर के रूप में देखने का संकेत है। भारत के लिए यह चिंता की बात है, क्योंकि इससे दक्षिण एशिया में जिहादी प्रभाव बढ़ सकता है। पाकिस्तानी आतंकी समूह क्षेत्रीय राजनीति पर बारीकी से नजर रखते हैं और अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए इसका फायदा उठा रहे हैं।




