ओडिशा में दुष्कर्म के बढ़ रहे अपराध : डबल इंजन सरकार इन्हें रोकने में असफल, भक्त चरण ने कहा- कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी, महिलाओं की आवाज बनकर करती रहेगी काम

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नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। कांग्रेस ने कहा कि ओडिशा में महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही है और राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की डबल इंजन सरकार इन अपराधों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है, लेकिन कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और महिलाओं की आवाज बनकर काम करती रहेगी। कांग्रेस के ओडिशा के प्रभारी अजय कुमार लल्लू तथा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने पार्टी मुख्यालय में कहा कि जिस ओडिशा में 24 साल तक बीजू जनता दल (बीजद) की सरकार रही है।

वहां 2009 में सत्ता में भागीदार रही भाजपा अब पूरे बहुमत के साथ वहां सरकार में है। भाजपा-बीजद के बीच केंद्र तथा राज्य में बार बार राजनीतिक स्वार्थ के लिए काम करते हुए समय-समय पर अपनी रणनीति को बदला है और स्वार्थ से ऊपर उठकर कभी जनता के हित खासकर महिलाओं के लिए कोई काम नहीं किया। दोनों दलों ने सत्ता में रहते हुए महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा पर कभी ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पिछले आठ महीने की भाजपा सरकार में खुद मुख्यमंत्री का मानना है कि 3,420 महिलाएं और 8,403 बच्चे लापता हैं। वहीं, इन आठ महीनों में 54 सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं हुई हैं। ओडिशा में नाबालिग बच्चियों के बलात्कार और हत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इतना सब होने के बावजूद भाजपा की डबल इंजन सरकार चुप है।

उन्होंने दुष्कर्म की कुछ घटनाओं का विवरण देते हुए सवाल करते हुए कहा कि मलकानगिरी में एक आदिवासी रेजिडेंशियल स्कूल है, जहां एक दसवीं कक्षा की बच्ची प्रेगनेंट हो जाती है। जब वो बच्ची परीक्षा देने जाती है, तो उसका प्रसव हो जाता है। ये बेहद गंभीर मामला है। जाजपुर जिले में एक स्कूल की बच्ची अभी भी प्रेगनेंट है। मुख्यमंत्री के गृह जिले केउंझर में एक छठी कक्षा की एक बच्ची प्रेगनेंट है। केन्द्रापड़ा जिले में एक 12वीं कक्षा की छात्रा ने आत्महत्या की है और कोरापुट में नाबालिग बच्ची के साथ गैंगरेप हुआ है। आवासीय स्कूलों के लिए विजिटर होते हैं, वो कहां थे। क्या इन सभी बच्चियों को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री न्याय देंगे।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ओडिशा में बच्चियों के साथ लगातार अपराध और दरिंदगी हो रही है। कांग्रेस पार्टी इन मामलों पर किसी भी हाल में चुप नहीं रहेगी। जब हमने इन अपराधों के खिलाफ आवाज उठाई, तो ओडिशा के मुख्यमंत्री कहते हैं कि बीजद सरकार में ऐसे अपराध ज्यादा हुए थे और हमारी सरकार में कम हुए हैं। मुख्यमंत्री बीजद के 24 साल के पाप के साथ अपने आठ महीने के पाप की तुलना कर रहे हैं और यह बेहद शर्मनाक है।

उन्होंने राज्य में महिलाओं के सथ हो रहे अत्याचार पर ध्यान देने की सरकार से मांग करते हुए कहा कि ओडिशा में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर भारत सरकार ध्यान दें क्योंकि अपराध रोकने पर ध्यान दें और अगर ध्यान नहीं दिया गया तो उच्चतम न्यायालय को इसे संज्ञान में लेकर एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के जरिए सरकार को आदेश देना चाहिए कि वह अपनी जिम्मेदारी समझे ओर रवैया बदले। ओडिशा में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर 2022 में 9.3 प्रतिशत थी लेकिन अब आठ प्रतिशत की दर से बढे अपराधों को लेकर 31,000 मामले दर्ज हुए हैं। इन अपराधों से आदिवासी और दलित महिलाएं ज्यादा पीड़ति हैं। जब तक इन महिलाओं को न्याय नहीं मिलता ओडिशा कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

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