Monday, January 26, 2026
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🌙 रमज़ान 2026/1447 हिजरी का काउंटडाउन शुरू — जानिए कब दिखेगा चाँद और कब रखा जाएगा पहला रोज़ा

नई दिल्ली/रियाद | वेब वार्ता

दुनियाभर में 2 अरब से अधिक मुसलमान — जो विश्व की कुल आबादी का लगभग 25% हिस्सा हैं — अब पवित्र महीने रमज़ान 2026 के स्वागत की तैयारियों में जुट गए हैं। खगोलीय अनुमान के अनुसार, नया चांद 17 फरवरी 2026 (मंगलवार) को देखा जा सकता है, जिसके आधार पर रमज़ान का महीना 18 फरवरी 2026 (बुधवार) से शुरू होने की संभावना है। अगर चांद उस दिन नजर नहीं आता, तो रोज़े की शुरुआत एक दिन बाद 19 फरवरी से होगी।

📿 इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक — रोज़ा

इस्लाम के पांच स्तंभ हैं — शहादत, नमाज़, रोज़ा, ज़कात और हज। इनमें तीसरा स्तंभ है रोज़ा (सौम), जो रमज़ान महीने में रखा जाता है। यह महीना इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है और इसे सबसे पवित्र माना जाता है क्योंकि इसी महीने कुरआन शरीफ का अवतरण पैग़ंबर मोहम्मद ﷺ पर हुआ था।

रमज़ान के दौरान दुनियाभर के मुसलमान सुबह-सुबह से लेकर सूर्यास्त तक भोजन, पेय और सांसारिक इच्छाओं से परहेज़ करते हैं। इस इबादत का उद्देश्य केवल भूखा रहना नहीं, बल्कि आत्मिक अनुशासन, दान, आत्मचिंतन और अल्लाह से निकटता हासिल करना होता है।

🌙 चांद देखना कब और कहां?

इस्लामी कैलेंडर चंद्र (लूनर) आधारित होता है, इसलिए नया महीना नए चांद के दिखने पर शुरू होता है। मध्य-पूर्व में शाबान 1447 हिजरी की शुरुआत 20 जनवरी 2026 को हो चुकी है। इसलिए सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन, फिलिस्तीन, यमन, मोरक्को और अन्य अरब देशों में रमज़ान का चांद 17 फरवरी (29 शाबान) को देखा जाएगा।

अगर चांद उस दिन नजर आता है तो रमज़ान 18 फरवरी से शुरू होगा, अन्यथा 19 फरवरी से आरंभ होगा। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और दक्षिण एशियाई देशों में रमज़ान की शुरुआत 19 या 20 फरवरी को होने की संभावना है, जो चांद देखने पर निर्भर करेगी।

🌍 दुनिया भर में रमज़ान की तैयारियां

जैसे-जैसे पवित्र महीना नजदीक आता है, दुनिया के हर कोने में मुस्लिम समुदाय तैयारियां शुरू कर देता है। सऊदी अरब, यूएई, कतर, और कुवैत जैसे देशों में पहले से ही काम के घंटे कम करने की घोषणा कर दी गई है। सरकारी दफ्तरों में काम का समय आठ घंटे से घटाकर छह घंटे कर दिया गया है, जबकि निजी कंपनियों में दो घंटे की कमी की गई है।

स्कूलों और कॉलेजों के समय में भी बदलाव किया गया है। रमज़ान के दौरान तरावीह नमाज़, इफ्तार और सहर के खास इंतज़ाम किए जाते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर “रमज़ान मुबारक” और “रमज़ान करीम” के शुभकामना संदेश, वीडियो और डिजिटल कार्ड्स की भरमार रहती है।

🕌 रोज़ा सिर्फ इबादत नहीं, बल्कि इंसानियत का सबक

रमज़ान के महीने में मुस्लिम समुदाय दान (ज़कात और सदक़ा) पर विशेष ध्यान देता है। गरीबों और ज़रूरतमंदों की मदद करना, रोज़े की असल रूह मानी जाती है। यह महीना धैर्य, अनुशासन और समानता का प्रतीक है — जब हर कोई भूख-प्यास की तकलीफ को महसूस करता है और दूसरों के दुख को समझने की कोशिश करता है।

🎉 ईद अल-फितर 2026 कब है?

पवित्र महीना रमज़ान ईद अल-फितर के साथ समाप्त होता है। खगोलीय पूर्वानुमान के अनुसार, ईद का चांद 18 मार्च 2026 को दिखाई देने की संभावना है। इस आधार पर ईद 19 या 20 मार्च 2026 को मनाई जाएगी।

अगर रमज़ान 18 फरवरी से शुरू होता है, तो सऊदी अरब में 19 से 24 मार्च तक लंबी छुट्टियों की उम्मीद है। यूएई, कतर और अन्य खाड़ी देशों में भी उसी अवधि में सार्वजनिक अवकाश रहेंगे। भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में एक या दो दिन की सरकारी छुट्टी दी जाती है।

एक बार फिर याद रखें — रमज़ान 2026 और ईद अल-फितर की अंतिम तिथियों की घोषणा केवल 29 शाबान 1447 हिजरी को नए चांद के दिखने के बाद ही की जाएगी।

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