विशाखापत्तनम, वेब डेस्क | वेब वार्ता
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन प्रबंधन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ते हुए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। ईस्ट कोस्ट रेलवे ने विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर देश का पहला ह्यूमनॉइड रोबोट “ASC अर्जुन” तैनात किया है। यह अत्याधुनिक रोबोट फेस रिकॉग्निशन, ऑब्जेक्ट डिटेक्शन और क्राउड एनालिटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों से लैस है, जो स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियों, सुरक्षा उल्लंघनों और भीड़भाड़ की निगरानी करेगा।
क्या है ‘ASC अर्जुन’?
The future of Indian Railways is here!
East Coast Railway makes history with #ASCARJUN, the first-ever Humanoid Robot deployed at #Visakhapatnam Railway Station.
Developed indigenously in Vizag, this AI-powered RPF teammate is a total game-changer for passenger safety and… pic.twitter.com/6RZRj80rb5
— Ansuman Satapathy (@TechAnsuman) January 22, 2026
‘अर्जुन’ का पूरा नाम है Artificial Security Companion (ASC) Arjun। यह भारत में रेलवे द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला पहला AI-संचालित ह्यूमनॉइड सिक्योरिटी रोबोट है। इसे RPF (Railway Protection Force) के अंतर्गत सुरक्षा और निगरानी के लिए तैनात किया गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों और उनके सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करना, भीड़ नियंत्रण में मदद करना और स्टेशन प्रबंधन को तकनीकी रूप से और अधिक स्मार्ट व एफिशिएंट बनाना है।
अर्जुन की खासियतें
- चेहरे से पहचान: अर्जुन का फेस रिकॉग्निशन कैमरा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की पहचान कर तुरंत RPF कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देता है।
- क्राउड मैनेजमेंट: रोबोट स्टेशन परिसर की भीड़ का रियल-टाइम एनालिसिस करता है। ज्यादा भीड़ होने पर यह स्वचालित रूप से सुरक्षा अधिकारियों को सूचित करता है।
- भाषा में दक्ष: यह रोबोट हिंदी, अंग्रेजी और तेलुगु भाषाओं में यात्रियों को सुरक्षा और जानकारी से जुड़ी घोषणाएं कर सकता है।
- स्मार्ट पेट्रोलिंग: ‘अर्जुन’ स्टेशन पर सेमी-ऑटोनोमस मोड में गश्त करता है। रास्ते में आने वाली बाधाओं को पहचानकर खुद उनसे बच निकलता है और 24×7 निगरानी रखता है।
- इमरजेंसी सेंसर: यह आग या धुएं जैसी आपात स्थितियों की पहचान कर कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट करता है।
- ह्यूमन इंटरैक्शन: अर्जुन यात्रियों से बात करते समय “नमस्ते” करता है, उन्हें आवश्यक जानकारी देता है और RPF अधिकारियों को सलामी भी देता है।
पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बना
‘ASC अर्जुन’ को विशाखापत्तनम में ही डिजाइन और तैयार किया गया है। इसे बनाने में लगभग एक वर्ष का समय लगा और इसमें पूरी तरह से स्वदेशी हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया है। भारतीय इंजीनियरों और शोधकर्ताओं की इस पहल से यह रोबोट “मेक इन इंडिया” अभियान का भी प्रतीक बन गया है।
इस ह्यूमनॉइड रोबोट का उद्घाटन RPF के महानिरीक्षक आलोक बोहरा और विशाखापत्तनम मंडल रेल प्रबंधक ललित बोहरा ने संयुक्त रूप से किया। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट फिलहाल पायलट चरण में है और सफल रहने पर इसे देश के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी लागू किया जाएगा।
रेलवे सुरक्षा में तकनीकी क्रांति
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “अर्जुन भारतीय रेलवे की सुरक्षा और सेवा को नए युग में ले जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा, स्टेशन की निगरानी, सफाई व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण— हर क्षेत्र में यह क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।”
यह पहल रेलवे की स्मार्ट स्टेशन मिशन का हिस्सा है, जिसमें AI, CCTV, बायोमेट्रिक और फेस रिकॉग्निशन सिस्टम्स का उपयोग कर यात्रियों को बेहतर सुरक्षा और सुविधा प्रदान की जा रही है।
- ‘ASC अर्जुन’ भारत का पहला रेलवे ह्यूमनॉइड रोबोट है।
- AI, फेस रिकॉग्निशन और ऑटो-अलर्ट सिस्टम से लैस।
- हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु में यात्रियों को जानकारी देगा।
- इमरजेंसी और सुरक्षा निगरानी में 24×7 सक्रिय रहेगा।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, यदि ‘अर्जुन’ प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में यह रोबोटिक सिस्टम भारत के 100 से अधिक प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा का चेहरा बन सकता है।
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