ईरान पर हमले के विरोध में जालंधर में जोरदार प्रदर्शन, नितिन याहू और ट्रंप का पुतला फूंका

जालंधर, मजहर | वेब वार्ता

ईरान पर हमले के विरोध में जालंधर में जोरदार प्रदर्शन रविवार शाम उस समय देखने को मिला जब खांबड़ा स्थित मस्जिद ए कुबा के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शन में क्षेत्र के नागरिकों, मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों और युवाओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने इजरायल के प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका। कार्यक्रम का आयोजन मजहर आलम की अगुवाई में किया गया, जबकि एडवोकेट नईम खान ने इसे पूरी मानवता पर हमला करार दिया।

ईरान पर हमले के विरोध में जालंधर में जोरदार प्रदर्शन: क्या और क्यों

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इजरायल द्वारा ईरान पर किया गया हमला और ईरान के सुप्रीम लीडर हजरत अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाए जाने की घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। इसी के विरोध में ईरान पर हमले के विरोध में जालंधर में जोरदार प्रदर्शन आयोजित किया गया। मस्जिद ए कुबा खांबड़ा के बाहर एकत्र लोगों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए विश्व समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की।

नितिन याहू और डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन

प्रदर्शन के दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने दोनों नेताओं के प्रतीकात्मक पुतले फूंके और कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती हिंसा और सैन्य कार्रवाई वैश्विक शांति के लिए खतरा है।

इस दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर की मगफिरत और ऊंचे दर्जे के लिए विशेष दुआ भी की गई। उपस्थित लोगों ने विश्व शांति और भाईचारे की कामना की।

नईम खान का बयान: यह पूरी मानवता पर हमला

मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक देश पर हमला नहीं, बल्कि पूरी मानवता पर हमला है। उन्होंने कहा कि अमन पसंद देशों को स्पष्ट रूप से अपना रुख बताना चाहिए कि वे अन्याय और हिंसा के साथ हैं या इंसानियत और शांति के साथ।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान इजरायल द्वारा ईरान पर हमले का मुद्दा सामने आया था, तो उस समय भारत को सख्त रुख अपनाना चाहिए था। यदि ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं की गई, तो यह भारत के साथ धोखे के समान है। उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

विदेश नीति में पारदर्शिता की मांग

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मामलों में पारदर्शिता बेहद आवश्यक है। उनका मानना था कि भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश को वैश्विक शांति के पक्ष में स्पष्ट और संतुलित भूमिका निभानी चाहिए। ईरान पर हमले के विरोध में जालंधर में जोरदार प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने केंद्र सरकार से स्पष्ट रुख की मांग दोहराई।

मुख्य बिंदुविवरण
स्थानमस्जिद ए कुबा, खांबड़ा, जालंधर
आयोजकमजहर आलम व स्थानीय मुस्लिम समाज
मुख्य वक्ताएडवोकेट नईम खान
प्रदर्शन का कारणईरान पर हमला और धार्मिक नेतृत्व को निशाना बनाना

शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ प्रदर्शन

प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अंत में उपस्थित लोगों ने विश्व शांति, सौहार्द और भाईचारे की दुआ की तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय से न्यायपूर्ण हस्तक्षेप की मांग की। इस अवसर पर सिकंदर शेख, सरफराज खान, आरिफ खान, निजामुद्दीन सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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