नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता
प्रोजेक्ट चीता नई खेप के तहत भारत के वन्यजीव संरक्षण अभियान में शनिवार को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। बोत्सवाना से लाए गए 9 चीते ग्वालियर एयरबेस पर विशेष विमान से पहुंचने के बाद भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर के जरिए मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंचाए गए। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में इनमें से तीन चीतों को विशेष बाड़ों में छोड़ा गया, जबकि शेष चीतों को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत क्वारंटीन क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया।
नई खेप में 6 मादा और 3 नर चीते शामिल हैं। प्रोजेक्ट चीता नई खेप के आगमन के साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या 39 से बढ़कर 48 हो गई है। इससे कूनो नेशनल पार्क में वयस्क चीतों की संख्या 26 से बढ़कर 35 हो गई है।
क्या है प्रोजेक्ट चीता नई खेप का महत्व
भारत में विलुप्त हो चुके चीतों को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया प्रोजेक्ट चीता विश्व के सबसे महत्वाकांक्षी वन्यजीव पुनर्वास कार्यक्रमों में से एक है। प्रोजेक्ट चीता नई खेप से न केवल संख्या में वृद्धि हुई है, बल्कि आनुवंशिक विविधता को भी मजबूती मिली है।
- नई खेप: 6 मादा, 3 नर
- कुल संख्या: 48 चीते
- क्वारंटीन अवधि: 1 माह
- तीन देशों से आयात: नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना
क्वारंटीन और निगरानी प्रक्रिया
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, सभी 9 चीतों को लगभग एक महीने तक विशेष क्वारंटीन बाड़ों में रखा जाएगा। इस दौरान उनके स्वास्थ्य, व्यवहार और अनुकूलन क्षमता की निगरानी की जाएगी। प्रोजेक्ट चीता नई खेप के तहत चीता स्टीयरिंग समिति यह निर्णय लेगी कि किन चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जाए और किन्हें निगरानी में रखा जाए।
| स्थिति | संख्या |
|---|---|
| पहले कुल चीते | 39 |
| नई खेप | 9 |
| अब कुल संख्या | 48 |
| पहले वयस्क | 26 (14 नर, 12 मादा) |
| अब वयस्क | 35 |
मादा चीतों की बढ़ती संख्या का प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोजेक्ट चीता नई खेप में मादा चीतों की संख्या अधिक होने से क्षेत्रीय टकराव की आशंका कम होगी और शावकों के जन्म की संभावना बढ़ेगी। इससे दीर्घकालीन संरक्षण रणनीति को मजबूती मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कूनो में चीतों की बढ़ती संख्या पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत के वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अब कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना—तीन अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों से आए चीते मौजूद हैं। प्रोजेक्ट चीता नई खेप के साथ भारत ने एक बार फिर वैश्विक संरक्षण प्रयासों में अपनी सक्रिय भूमिका साबित की है।
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