Tuesday, February 24, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

POCSO कोर्ट का आदेश: अविमुक्तेश्वरानंद पर केस दर्ज, झूंसी पुलिस ने तेज की कार्रवाई

लखनऊ/प्रयागराज, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता

प्रयागराज की रेप एंड POCSO स्पेशल कोर्ट के आदेश के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। 23 फरवरी 2026 को कोर्ट के निर्देश पर झूंसी थाना पुलिस ने उनके और तीन अज्ञात शिष्यों के खिलाफ POCSO एक्ट सहित गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब मामले में पूछताछ और आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

यह मामला नाबालिगों से कथित यौन शोषण से जुड़ा है, जिसे लेकर अदालत ने गंभीर रुख अपनाते हुए पुलिस को तुरंत केस दर्ज करने के निर्देश दिए।

कोर्ट आदेश की पृष्ठभूमि

मामले में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने धारा 173(4) के तहत अदालत में अर्जी दाखिल की थी।

  • ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य पर यौन शोषण का आरोप
  • 13 फरवरी को नाबालिगों के बयान की वीडियोग्राफी
  • सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
  • 21 फरवरी को FIR के आदेश जारी

FIR में दर्ज प्रमुख धाराएं

कानूनी प्रावधानधाराप्रकृति
भारतीय न्याय संहिता351(3)गंभीर आपराधिक मामला
POCSO एक्टविभिन्न धाराएंबाल यौन अपराध
अन्य प्रावधानलागूजांचाधीन

कोर्ट के आदेश के बाद झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।

पुलिस की कार्रवाई तेज

एफआईआर दर्ज होने के बाद झूंसी पुलिस टीम वाराणसी रवाना होने की तैयारी कर रही है, ताकि आरोपियों से पूछताछ की जा सके और साक्ष्य जुटाए जा सकें।

एसीपी झूंसी विमल किशोर मिश्रा ने कहा कि कोर्ट के आदेशों के अनुसार मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पक्ष

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि वे पुलिस जांच में सहयोग करेंगे।

साथ ही उन्होंने अपनी एफआईआर को हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात भी कही है।

मामले पर बढ़ी सियासी और सामाजिक हलचल

इस प्रकरण के सामने आने के बाद धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासन मामले को संवेदनशील मानते हुए पूरी सतर्कता बरत रहा है।

  • नाबालिगों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
  • निष्पक्ष जांच की मांग
  • कानूनी प्रक्रिया पर निगरानी
  • अदालत की अगली सुनवाई का इंतजार

निष्कर्ष

POCSO कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज एफआईआर ने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है और सच्चाई कब सामने आती है।

👉 कानून, राजनीति और बड़ी खबरों के लिए हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें – Web Varta

ये भी पढ़ें: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेला छोड़ा: बिना स्नान दुखी मन से लौटे, अपमान पर कहा- औकात दिखानी होगी

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img
spot_img