नई दिल्ली, नेशनल वार्ता | वेब वार्ता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज नई दिल्ली में सेवा तीर्थ, कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री सेवा तीर्थ परिसर में आयोजित जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस पहल को केंद्रीय प्रशासन के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सेवा तीर्थ परिसर की विशेषताएं
नवनिर्मित सेवा तीर्थ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय स्थापित किए गए हैं। यह परिसर नीति निर्माण और प्रशासनिक समन्वय को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा।
कर्तव्य भवन में होंगे प्रमुख मंत्रालय
कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण समेत कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय संचालित होंगे।
| परिसर | प्रमुख विभाग | उद्देश्य |
|---|---|---|
| सेवा तीर्थ | PMO, NSCS, कैबिनेट सचिवालय | नीतिगत समन्वय |
| कर्तव्य भवन-1 | वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य | प्रशासनिक दक्षता |
| कर्तव्य भवन-2 | शिक्षा, कृषि, संस्कृति | समेकित संचालन |
- केंद्रीय मंत्रालयों को एक परिसर में लाने की पहल।
- कार्य समन्वय और दक्षता में वृद्धि।
- नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक ढांचा।
पुरानी व्यवस्था की समस्याओं का समाधान
पिछले कई दशकों से केंद्रीय कार्यालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में अलग-अलग इमारतों में संचालित हो रहे थे, जिससे समन्वय, रखरखाव और कार्यक्षमता में बाधा आती थी। नई व्यवस्था से इन समस्याओं का समाधान होगा।
डिजिटल और आधुनिक सुविधाएं
दोनों परिसरों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, केंद्रीकृत रिसेप्शन और संरचित सार्वजनिक इंटरफेस की व्यवस्था की गई है, जिससे नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
पर्यावरण और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
भवनों को 4-स्टार GRIHA रेटिंग के अनुसार डिजाइन किया गया है। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और उन्नत सुरक्षा प्रणाली जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
निष्कर्ष
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवनों का उद्घाटन केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधारों की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। इससे पारदर्शिता, कार्यकुशलता और नागरिक सहभागिता को नई गति मिलेगी।
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