नई दिल्ली (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में सेमिकॉन इंडिया 2025 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की तेजी से बढ़ती भूमिका पर जोर दिया और कहा कि दुनिया भारत पर भरोसा करती है, भारत में विश्वास करती है और सेमीकंडक्टर का भविष्य भारत के साथ बनाने को तैयार है। पीएम मोदी ने चिप्स को “डिजिटल डायमंड्स” बताते हुए कहा कि 21वीं सदी की शक्ति इन छोटे चिप्स में केंद्रित है, जो वैश्विक प्रगति को गति प्रदान करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का सबसे छोटा चिप जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा बदलाव लाएगा।
A defining chapter in India’s semiconductor journey is unfolding, with innovation and investment driving a new wave of growth. Addressing Semicon India 2025 in Delhi. https://t.co/5jurEGuYnI
— Narendra Modi (@narendramodi) September 2, 2025
सेमिकॉन इंडिया 2025 का महत्व
यह तीन दिवसीय सम्मेलन 2 से 4 सितंबर तक चलेगा, जिसका उद्देश्य भारत में मजबूत, लचीली और टिकाऊ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है। सम्मेलन में सेमिकॉन इंडिया प्रोग्राम की प्रगति, सेमीकंडक्टर फैब और एडवांस्ड पैकेजिंग प्रोजेक्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर रेडीनेस, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, आरएंडडी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में इनोवेशन, निवेश अवसरों, राज्य-स्तरीय नीतियों के कार्यान्वयन जैसे विषयों पर सत्र आयोजित होंगे। इस कार्यक्रम में 20,750 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे, जिनमें 2,500 से अधिक प्रतिनिधि 48 देशों से, 150 से अधिक स्पीकर्स (50 से अधिक वैश्विक नेता), और 350 से अधिक प्रदर्शक हैं। इसमें 6 देशों के राउंड टेबल डिस्कशंस, कंट्री पैविलियंस और वर्कफोर्स डेवलपमेंट एवं स्टार्टअप्स के लिए समर्पित पैविलियंस भी शामिल हैं।
पीएम मोदी का भाषण: प्रमुख बिंदु
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की गति को देखते हुए, “तेल काला सोना था, लेकिन चिप्स डिजिटल डायमंड्स हैं।” उन्होंने कहा कि 20वीं सदी में तेल के कुओं ने दुनिया का भाग्य तय किया, लेकिन 21वीं सदी में छोटे चिप्स वैश्विक अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करेंगे। वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार वर्तमान में 600 बिलियन डॉलर का है और आने वाले वर्षों में 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो जाएगा, जिसमें भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
पीएम ने भारत की जीडीपी वृद्धि का जिक्र करते हुए कहा कि पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल हुई है, जो वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारत की मजबूती दर्शाती है। उन्होंने सेमीकंडक्टर मिशन की प्रगति पर प्रकाश डाला और कहा कि 2021 में शुरू हुए प्रोग्राम से अब तक 10 प्रोजेक्ट्स मंजूर हो चुके हैं, जिनमें 18 बिलियन डॉलर (1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक) का निवेश शामिल है।
पीएम मोदी ने कहा, “पेपरवर्क जितना कम होगा, वेफर वर्क उतनी जल्दी शुरू होगा।” उन्होंने नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम का जिक्र किया, जो केंद्र और राज्य स्तर की मंजूरियां एक प्लेटफॉर्म पर प्रदान करता है। देशभर में सेमीकंडक्टर पार्क्स प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर विकसित हो रहे हैं, जो भूमि, बिजली, बंदरगाह, हवाई अड्डा कनेक्टिविटी और कुशल श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।
पीएम ने डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम को रिस्ट्रक्चर करने की घोषणा की और चिप्स-टू-स्टार्टअप प्रोग्राम का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर डिजाइन में दुनिया का 20 प्रतिशत टैलेंट योगदान देता है और युवा शक्ति सेमीकंडक्टर उद्योग की सबसे बड़ी मानव पूंजी फैक्टरी है।
पीएम ने कहा, “भारत बैकएंड ऑपरेशंस से आगे बढ़कर फुल-स्टैक सेमीकंडक्टर नेशन बन रहा है। जल्द ही दुनिया कहेगी- डिजाइंड इन इंडिया, मेड इन इंडिया, ट्रस्टेड बाय द वर्ल्ड।”
सेमीकंडक्टर मिशन की प्रगति
पीएम ने बताया कि सीजी पावर का पायलट प्लांट 28 अगस्त को शुरू हो चुका है, जबकि कायनेस का प्लांट भी जल्द शुरू होगा। माइक्रोन और टाटा के टेस्ट चिप्स उत्पादन में हैं, और इस वर्ष कमर्शियल चिप उत्पादन शुरू हो जाएगा। भारत क्रिटिकल मिनरल्स की मांग को पूरा करने के लिए नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन पर काम कर रहा है।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, जितिन प्रसाद, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
सेमिकॉन इंडिया 2025 का पृष्ठभूमि
यह सम्मेलन भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर केंद्रित है। इसमें डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम, स्टार्टअप इकोसिस्टम, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भविष्य की रोडमैप पर चर्चा होगी। सम्मेलन में 20,750 से अधिक प्रतिभागी, 48 देशों से 2,500 डेलीगेट्स, 150 स्पीकर्स और 350 प्रदर्शक शामिल हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र से यहां पहुंचा है और अगली पीढ़ी के रिफॉर्म्स जल्द शुरू होंगे। उन्होंने निवेशकों को आश्वासन दिया कि भारत की नीतियां लंबे समय की प्रतिबद्धता हैं।
निष्कर्ष
सेमिकॉन इंडिया 2025 भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक नेता बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पीएम मोदी की दृष्टि से भारत जल्द ही सेमीकंडक्टर उत्पादन में आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेगा।







