Wednesday, January 28, 2026
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टोक्यो में पीएम मोदी की 16 प्रांतों के राज्यपालों से मुलाकात, भारत-जापान दोस्ती में सहयोग पर जोर

टोक्यो/नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को टोक्यो में जापान के 16 प्रांतों के राज्यपालों से मुलाकात की और भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राज्यों और प्रांतों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर बल दिया। यह मुलाकात 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान हुई, जिसमें दोनों देशों ने 13 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

भारत-जापान दोस्ती का नया अध्याय

प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात को भारत-जापान मैत्री का एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा:

“सुबह टोक्यो में जापान के 16 प्रांतों के राज्यपालों के साथ बातचीत की। राज्य और प्रांतों के बीच सहयोग भारत-जापान मैत्री का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यही कारण है कि 15वें वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन के दौरान इस पर एक अलग पहल शुरू की गई। ट्रेड, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सेक्टर भविष्य में लाभकारी हो सकते हैं।”

स्टेट-प्रांत साझेदारी पहल

इस मुलाकात में स्टेट-प्रांत साझेदारी पहल पर विशेष जोर दिया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा:

“भारत-जापान के संबंधों को और मजबूत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो में 16 प्रांतों के राज्यपालों से मुलाकात की। उन्होंने टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, इन्वेस्टमेंट, स्किल, स्टार्टअप्स और एसएमई सेक्टर में भारतीय राज्यों और जापानी प्रांतों के बीच बढ़ती साझेदारी को गहरा करने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया।”

इस पहल के तहत भारतीय राज्यों और जापानी प्रांतों के बीच निवेश, टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स, और स्किल डेवलपमेंट में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। गुजरात-शिजुओका, उत्तर प्रदेश-यमानाशी, महाराष्ट्र-वकायामा, और आंध्र प्रदेश-तोयामा जैसी मौजूदा साझेदारियों को और मजबूत करने की योजना है।

13 समझौतों से नई दिशा

प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान भारत और जापान ने 13 समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जो ट्रेड, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, स्टार्टअप्स, एसएमई, और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देंगे। पीएम मोदी ने अपने दौरे को “सार्थक” बताते हुए कहा:

“एक सार्थक यात्रा के दौरान सकारात्मक परिणाम। आने वाले समय में भारत-जापान मित्रता नई ऊंचाइयों को छुए।”

ये समझौते दोनों देशों के बीच आर्थिक विकास, नवाचार, और कुशल पेशेवरों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे। खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सहयोग भविष्य में दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित होगा।

भारत-जापान: साझा प्रगति की राह

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जापान के प्रांतों की ताकत और विविधता की सराहना की। उन्होंने कहा कि जापानी प्रांतों की अर्थव्यवस्था कई देशों से बड़ी है, और उनकी टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, और इनोवेशन में विशेषज्ञता भारत के लिए प्रेरणा है। इस मुलाकात में भारतीय राज्यों और जापानी प्रांतों के बीच सीधे सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई, जिसमें कानसाई बिजनेस एक्सचेंज फोरम जैसे मंचों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

प्रधानमंत्री ने भारतीय राज्यों की विविधता को भी रेखांकित किया और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, आकांक्षी जिले, और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम जैसे अभियानों का जिक्र किया, जो भारत की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को गति दे रहे हैं।

भविष्य की योजनाएं

इस मुलाकात में स्टार्टअप्स और एसएमई के लिए सहयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। पीएम मोदी ने 50,000 भारतीय कुशल पेशेवरों को जापान भेजने और अगले पांच साल में पांच लाख लोगों के आदान-प्रदान की योजना का उल्लेख किया। यह सहयोग कानागावा-कर्नाटक, आइची-असम, और ओकायामा-ओडिशा जैसे जोड़ों के माध्यम से नए अवसर पैदा करेगा।

भारत-जापान संबंधों का वैश्विक महत्व

यह मुलाकात भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि वैश्विक स्थिरता और नवाचार में भी योगदान देगा।

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