टोक्यो/नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। जापान के दो दिवसीय दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-जापान आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए दोनों देशों की साझेदारी को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि जापान ‘टेक पावर’ हाउस है तो भारत ‘टैलेंट पावर’ हाउस है और दोनों मिलकर टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में पूरी दुनिया का नेतृत्व कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी निवेशकों और उद्योगपतियों को ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत आने का न्योता देते हुए कहा, “मेक इन इंडिया फॉर द होल वर्ल्ड। आज टेक्नोलॉजी और टैलेंट ही दुनिया का नेतृत्व कर सकता है।”
जापान की तकनीक और भारत की प्रतिभा
टोक्यो में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, “जापान की प्रौद्योगिकी और भारत की प्रतिभा मिलकर इस सदी की प्रौद्योगिकी क्रांति का नेतृत्व कर सकती है।” उन्होंने बताया कि भारत निवेश के लिए सबसे प्रॉमिसिंग डेस्टिनेशन है और 80% कंपनियां भारत में विस्तार करना चाहती हैं, जबकि 75% पहले से ही मुनाफे में हैं।
40 अरब डॉलर से अधिक निवेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में जापान हमेशा से एक अहम साझेदार रहा है। “मेट्रो से मैन्युफैक्चरिंग तक, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप तक हमारी पार्टनरशिप आपसी विश्वास का प्रतीक बनी हुई है।” उन्होंने खुलासा किया कि जापानी कंपनियों ने भारत में 40 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है।
रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म
पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक स्थिरता पर जोर देते हुए कहा, “आज भारत में राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक स्थिरता, नीतियों में पारदर्शिता और पूर्वानुमानशीलता है। आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और बहुत जल्द यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रही है।” उन्होंने कहा कि रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म हमारी सोच है।
जापान के बाद चीन दौरा
प्रधानमंत्री मोदी 29 और 30 अगस्त को जापान में रहेंगे, जहाँ वह जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके बाद वह 31 अगस्त और 1 सितंबर को चीन दौरे पर रहेंगे, जहाँ तियानजिन शहर में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।